
गया: गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस साल पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा (Pitru Paksha 2026)। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए बिहार पर्यटन की ओर से पिंडदान के लिए कई विशेष पैकेज जारी किए गए हैं।

इन पैकेज में श्रद्धालुओं को पिंडदान और पूजा के साथ परिवहन, पूजन सामग्री, भोजन और ठहरने जैसी सुविधाएं मिलेंगी। श्रद्धालु अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से एक दिन या एक रात-दो दिन का पैकेज चुन सकते हैं। जो लोग किसी वजह से गयाजी नहीं पहुंच सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

Pitru Paksha 2026: ऑनलाइन कर सकते हैं पैकेज की बुकिंग
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के माध्यम से पिंडदान पैकेज की ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। पर्यटन विभाग के अनुसार, पैकेज में पंडा-पुजारी की सेवा, जरूरी पूजन सामग्री, परिवहन, आवास और भोजन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। बुकिंग या पैकेज से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए 8544418408 और 8294307690 पर संपर्क किया जा सकता है।
Package-A: पटना से पुनपुन और गयाजी
यह एक दिन का पैकेज है। इसमें पटना से श्रद्धालुओं के पिकअप और ड्रॉप की सुविधा दी जाएगी। पटना शहर के 10 किलोमीटर के दायरे के अलावा पटना रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट से भी परिवहन की सुविधा मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए सेडान या हैचबैक कार की व्यवस्था होगी। पुनपुन घाट पर पिंडदान, पिंडदान शुल्क और पूजन सामग्री पैकेज में शामिल है।
इसके बाद गयाजी में फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान कराया जाएगा। बजट AC से लेकर थ्री स्टार होटल तक में ठहरने का विकल्प मिलेगा। शाकाहारी दोपहर का भोजन भी पैकेज में शामिल है। इस पैकेज की कीमत ₹14,550 से ₹30,650 तक है। कीमत होटल की श्रेणी और यात्रियों की संख्या के आधार पर तय होगी।
Package-B: पिंडदान के साथ नालंदा-राजगीर की यात्रा
यह एक रात और दो दिन का पैकेज है। इसमें पटना से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा के साथ पुनपुन घाट और गयाजी में पिंडदान से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं। श्रद्धालुओं को आवास के साथ शाकाहारी नाश्ता, दोपहर और रात का भोजन मिलेगा। इसके अलावा राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण कराया जाएगा।
यानी धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालुओं को बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों को देखने का मौका भी मिलेगा। हालांकि, स्मारकों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट पैकेज में शामिल नहीं हैं। इस पैकेज की कीमत ₹18,850 से ₹40,700 तक है।
Package-C: एक दिन में गयाजी का पूरा पिंडदान
गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक दिन का पैकेज तैयार किया गया है। इसमें गयाजी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित पूजा स्थल से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा मिलेगी। सेडान या हैचबैक कार से परिवहन कराया जाएगा। पैकेज में फल्गु नदी पर तर्पण, विष्णुपद मंदिर में पिंडदान और अक्षयवट पर पिंडदान शामिल है।
इसके साथ पंडाजी की सेवा, पिंडदान शुल्क, पूजन सामग्री, आवास और शाकाहारी दोपहर का भोजन भी मिलेगा। इस पैकेज की कीमत ₹11,250 से ₹25,250 तक है।
Package-D: देर रात या सुबह पिंडदान वालों के लिए
यह पैकेज उन श्रद्धालुओं के लिए है जो देर रात, सुबह या शाम के समय पिंडदान करना चाहते हैं।गयाजी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या पूजा स्थल से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए सेडान या हैचबैक कार की व्यवस्था होगी।
पैकेज में आवास के साथ शाकाहारी दोपहर और रात का भोजन शामिल है। फल्गु नदी पर तर्पण, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर पिंडदान भी कराया जाएगा।इस पैकेज की कीमत ₹16,000 से ₹39,500 तक है।
Package-E: पिंडदान के साथ राजगीर-नालंदा घूमने का मौका
यह भी एक रात और दो दिन का पैकेज है। इसमें गयाजी में पिंडदान के साथ राजगीर और नालंदा भ्रमण की सुविधा दी जाएगी। गयाजी रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट या 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित पूजा स्थल से पिकअप और ड्रॉप की सुविधा होगी। परिवहन, पिंडदान से जुड़ी सेवाएं, पूजन सामग्री और आवास पैकेज में शामिल हैं।
श्रद्धालुओं को शाकाहारी नाश्ता, दोपहर का भोजन, अतिरिक्त दोपहर का भोजन और रात का खाना मिलेगा। राजगीर के विश्व शांति स्तूप और नालंदा के प्राचीन अवशेषों का भ्रमण भी कराया जाएगा। इस पैकेज में स्मारकों और पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट शामिल नहीं हैं। इसकी कीमत ₹16,550 से ₹32,850 तक है।
गयाजी नहीं आ सकते तो ऑनलाइन कराएं ई-पिंडदान
जो श्रद्धालु किसी कारण गयाजी नहीं पहुंच सकते, उनके लिए ऑनलाइन ई-पिंडदान की सुविधा भी उपलब्ध है। इसकी कुल कीमत ₹23,000 है, जिसमें GST शामिल है। ई-पिंडदान पैकेज में विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट और फल्गु नदी पर पिंडदान या तर्पण की व्यवस्था होगी। पंडित और पुरोहित की सेवा भी पैकेज का हिस्सा है।
इसके अलावा पूजन सामग्री और दक्षिणा की व्यवस्था भी की जाएगी। पूरे अनुष्ठान की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी और रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव के माध्यम से श्रद्धालु को उपलब्ध कराई जाएगी।
पुरोहित तीनों प्रमुख स्थलों पर विधि-विधान से पिंडदान या तर्पण कराएंगे। मंत्रोच्चार, दान-दक्षिणा और पूजन सामग्री समेत पूरे अनुष्ठान की रिकॉर्डिंग श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाएगी।
देश-विदेश से पहुंचते हैं श्रद्धालु
पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश के अलग-अलग हिस्सों के अलावा विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट में पिंडदान करते हैं।
बिहार पर्यटन के इन पैकेजों का उद्देश्य श्रद्धालुओं के लिए यात्रा और धार्मिक अनुष्ठान की प्रक्रिया को आसान बनाना है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और बजट के अनुसार पैकेज का चयन कर सकते हैं।


