
Giridih: गिरिडीह जिले के गांवा थाना क्षेत्र में कोयला लदे दो ट्रकों को जब्त किए जाने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। बताया जा रहा है कि गांवा थाना पुलिस ने करीब 30 लाख रुपये से अधिक मूल्य के कोयले से लदे दो ट्रकों को सोमवार को ही पकड़ा था, लेकिन पिछले तीन दिनों से इन्हें थाने परिसर के बजाय किसी गोपनीय स्थान पर छुपाकर रखा गया है। पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद महकमे में हलचल तेज हो गई है।

धनबाद के रसूखदार कोयला सिंडिकेट से जुड़े हैं तार
सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए दोनों ट्रकों का संबंध धनबाद के एक बड़े कोयला माफिया से बताया जा रहा है, जिसे धनबाद के ही एक बड़े राजनीतिक रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है। कोयला लदे दोनों ट्रक धनबाद से रवाना होकर बिहार के नवादा जा रहे थे। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नवादा में यह अवैध कोयला किस गुप्त ठिकाने या डिपो पर डंप किया जाना था।

वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई जब्ती की सूचना
मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि 30 लाख रुपये के कोयले की इतनी बड़ी जब्ती की आधिकारिक जानकारी स्थानीय एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार तक को नहीं दी गई। किसी बड़े मामले में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अंधेरे में रखकर ट्रकों को थाने के बाहर अज्ञात जगह पर रखने से पुलिस की नीयत और कार्यप्रणाली पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
थाना प्रभारी ने दी सफाई, इनवॉयस बिल के सत्यापन की बात कही
मामले को लेकर जब गांवा थाना प्रभारी जयप्रकाश कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि दोनों ट्रकों के चालकों ने जो इनवॉयस और कागजात प्रस्तुत किए हैं, उनका विधिवत सत्यापन कराया जा रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार, बिल की सत्यता जांचने के लिए एक पुलिस अधिकारी को भेजा गया है। रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


