
Ranchi: रांची के HEC बाईपास रोड पर शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी और भारी तनाव का माहौल बन गया, जब जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर और बुलडोजर लेकर रेलवे की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने पहुंची। वर्षों से बसे अपने आशियाने और रोजी-रोटी पर प्रशासन का पीला पंजा चलते देख स्थानीय लोगों का सब्र जवाब दे गया। देखते ही देखते महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सड़क पर उतर आए और बुलडोजर के सामने खड़े होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, घंटों थमे वाहनों के पहिए
अतिक्रमण हटाने का विरोध इतना तीखा था कि स्थानीय लोगों ने बिरसा चौक से करीब 2KM आगे बिरसा चौक-हरमू, डोरंडा मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर अचानक उमड़ी भीड़ की वजह से बिरसा चौक से लेकर आस पास के इलाके में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। DPS स्कूल के नजदीक पेट्रोल पंप के आसपास का पूरा इलाका भीषण ट्रैफिक जाम की चपेट में आ गया, जिससे आम राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

25 साल पुराना ठिकाना और आजीविका का संकट
सड़क किनारे करीब 20 से अधिक मकान बने हुए हैं, जिनमें कई परिवार पिछले दो से ढाई दशकों से अपना जीवन बसर कर रहे हैं। कई लोगों ने इन्हीं झोपड़ियों और मकानों में छोटी-मोटी राशन की दुकानें और चाय-नाश्ते के होटल खोल रखे हैं, जिनसे उनके परिवार की दाल-रोटी चलती है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर अचानक उनकी छत छीन ली गई, तो वे बेघर हो जाएंगे और उनके सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी।
पहले पुनर्वास की व्यवस्था, फिर चलेगा बुलडोजर
प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई के खिलाफ लोगों ने दो टूक मांग रखी है कि सरकार उन्हें बेघर करने से पहले रहने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन या आवास मुहैया कराए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनके पुनर्वास का ठोस भरोसा नहीं मिलता, तब तक वे अपनी झोपड़ियां नहीं टूटने देंगे।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, तनाव बरकरार
हालात की गंभीरता और लोगों के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों को फिलहाल रोक कर रखा गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर सड़क खाली कराने और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन इलाके में तनाव लगातार बना हुआ है।


