
फिल्मों में आपने अक्सर सुना होगा कि किसी अपराधी को ‘11 मुल्कों की पुलिस’ तलाश रही है। भोजपुर से सामने आया मामला भी कुछ ऐसा ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां एक संदिग्ध को तीन राज्यों की पुलिस तलाश रही है।

आरोप है कि यह संदिग्ध ट्रेन में यात्रियों से पहले दोस्ती करता था। फिर उन्हें अपने भरोसे में लेकर ट्रेन के गेट तक ले जाता था। मौका मिलते ही सामान लेकर यात्री को चलती ट्रेन से नीचे फेंक देता था। रेल पुलिस अब उसकी तलाश में लगातार छानबीन कर रही है।

पुलिस के अनुसार, संदिग्ध की पहचान शाहपुर थाना क्षेत्र के बरिसवन निवासी रोहित तिवारी के रूप में बताई जा रही है। हालांकि, उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और उसकी भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
Railway Crime: आरा से जबलपुर तक तलाश
जानकारी के अनुसार, संदिग्ध की गतिविधियां आरा जंक्शन से लेकर पटना, बक्सर, डीडीयू और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक देखे जाने की सूचना पुलिस को मिली है। बिहार के अलावा मध्य प्रदेश में भी उसके संभावित रूप से देखे जाने की जानकारी सामने आई है। उसकी तलाश में करीब 11 थाना क्षेत्रों की पुलिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जीआरपी और आरपीएफ की टीमें उसके पुराने संपर्कों और संभावित ठिकानों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस जैसी वर्दी और खास जूते से पहचान छिपाने का तरीका
पुलिस के पास संदिग्ध के पहनावे को लेकर भी जानकारी है। बताया जाता है कि वह नीचे पुलिस की वर्दी जैसी पैंट और पुलिस के जूते पहनता है। वहीं, ऊपर सामान्य टी-शर्ट रखता है।
इस तरह के पहनावे से वह यात्रियों के बीच आसानी से घुल-मिल जाता था। पुलिस अब उसके हुलिये और पूर्व की घटनाओं से जुड़ी जानकारी के आधार पर संभावित ठिकानों की तलाश कर रही है।
पहले दोस्ती, फिर ट्रेन के गेट तक ले जाने का आरोप
रेल पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्ध ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों से बातचीत शुरू करता था। धीरे-धीरे उनका भरोसा जीतने के बाद उन्हें अपने झांसे में लेने का आरोप है।
इसके बाद वह यात्रियों को ट्रेन के गेट के पास ले जाता था। पुलिस के अनुसार, मौका मिलते ही यात्री का सामान अपने कब्जे में लेकर उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंकने की बात सामने आई है।
ऐसी घटनाओं में कुछ यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने और कुछ की मौत होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, इन घटनाओं में संदिग्ध की संलिप्तता की पुष्टि पुलिस साक्ष्यों और जांच के आधार पर कर रही है।
बक्सर के एक मामले में जेल जा चुका है
बताया जाता है कि संदिग्ध पूर्व में बक्सर के एक मामले में जेल भी जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसे जमानत मिलने के बाद छुड़ाने के लिए कोई परिजन या अन्य व्यक्ति सामने नहीं आया था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
पटना से जबलपुर तक CCTV खंगाल रही पुलिस
पुलिस की निगाह पटना के गांधी मैदान, पटना जंक्शन, आरा जंक्शन, बक्सर, डीडीयू और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक है। कुछ दिन पहले इन इलाकों में उसके देखे जाने की सूचना मिलने के बाद संबंधित थाना और रेल पुलिस को अलर्ट किया गया है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। फुटेज के जरिए उसके संभावित आवागमन और संपर्कों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
लगातार ठिकाना बदलने की वजह से चुनौती
जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार, संदिग्ध लगातार अपना ठिकाना बदलता है। इससे उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई है। पुलिस तीन राज्यों में उसके संभावित ठिकानों, पुराने संपर्कों और आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ उसके खिलाफ सामने आए मामलों और कथित गतिविधियों की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रेल पुलिस ने यात्रियों से भी सतर्क रहने की अपील की है। खासकर चलती ट्रेन में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर गेट या सुनसान हिस्से में जाने से बचने की सलाह दी गई है। यात्रियों को किसी अपरिचित पर भरोसा करने से पहले सावधानी बरतने की जरूरत है।


