
Bokaro Home Guard Recruitment: लंबे समय से सड़कों पर पसीना बहा रहे और अपने हक के लिए आवाज उठा रहे बेरोजगार युवाओं के सब्र का फल आखिरकार मीठा होता दिख रहा है। बोकारो जिले में होमगार्ड के खाली पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर महीनों से आंदोलन की राह पर चल रहे सैकड़ों युवाओं को मंगलवार को बड़ी राहत मिली। युवाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त अजय नाथ झा से उनके कार्यालय में सीधी मुलाकात की और अपनी पीड़ा सामने रखी। छात्रों के दर्द और जिले की जरूरत को समझते हुए डीसी ने साफ भरोसा दिलाया कि दुर्गापूजा और छठ पर्व के बीच खाली पड़े 189 पदों पर बहाली का नोटिफिकेशन हर हाल में जारी कर दिया जाएगा।

आंदोलन के बाद जगी उम्मीद की किरण
बोकारो में होमगार्ड भर्ती की मांग कोई नई नहीं है। युवा इसके लिए लगातार धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे। छात्रों का कहना था कि पूर्व में भी आंदोलन के बाद प्रशासन ने 45 दिनों के भीतर विज्ञापन निकालने का वादा किया था। तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब कोई हलचल नहीं हुई, तो छात्र 12 सितंबर को दोबारा डीसी दफ्तर पहुंचे थे। मंगलवार को हुई आमने-सामने की इस बातचीत में डीसी के सकारात्मक रुख ने छात्रों की पुरानी मायूसी को दूर कर दिया है।

त्योहारी सीजन में मिलेगा भर्ती का तोहफा
उपायुक्त अजय नाथ झा ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिया कि दुर्गापूजा और लोकआस्था के महापर्व छठ के बीच 189 रिक्त पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना प्रकाशित कर दी जाएगी। प्रशासनिक मुखिया की ओर से तय समय सीमा का आश्वासन मिलते ही छात्रों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने इस फैसले का स्वागत किया।
जिले में 189 पद खाली, आंकड़ों की जुबानी
अगर जिले के प्रशासनिक ढांचे पर नजर डालें तो बोकारो जिले में होमगार्ड जवानों के कुल 1974 पद स्वीकृत हैं। मौजूदा समय में 1785 जवान ही विभिन्न सुरक्षा मोर्चों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 189 पद काफी समय से खाली पड़े हुए हैं। इन्हीं खाली कुर्सियों को भरने के लिए जिले के योग्य अभ्यर्थी लगातार संघर्ष कर रहे थे। अब सबकी निगाहें प्रशासन द्वारा तय समय सीमा पर टिकी हैं कि कब विज्ञापन जारी होता है और ग्राउंड पर शारीरिक दक्षता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होती है।


