
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के लिए बड़े स्तर पर छात्रावास बनाने की घोषणा की है। सरकार ने 10 हजार छात्रों के लिए हॉस्टल तैयार करने का फैसला किया है। इनमें छात्र और छात्राओं दोनों के लिए आवास की सुविधा होगी।

सरकार की योजना के तहत दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को इन छात्रावासों में रहने का मौका मिल सकेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित, किफायती और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है।

स्थानों की पहचान, नीति का मसौदा तैयार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना को लेकर संबंधित विभागों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। छात्रावासों के निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान भी कर ली गई है।
उन्होंने बताया कि हॉस्टल से जुड़ी नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है। इसमें छात्रों की जरूरतों और छात्रावास में उपलब्ध कराई जाने वाली जरूरी सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
सरकार की कोशिश है कि छात्रों को रहने के साथ भोजन की सुविधा भी मिले, ताकि उन्हें रोजमर्रा की इन चिंताओं से राहत मिल सके।
CM रेखा गुप्ता: छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान देने का मिलेगा मौका
मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रावासों में ऐसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे छात्रों को सुरक्षित माहौल मिल सके। उनका कहना है कि आवास और भोजन की चिंता कम होने से छात्र अपनी पढ़ाई और करियर पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
उन्होंने भरोसा जताया कि प्रस्तावित छात्रावासों की व्यवस्था ऐसी होगी कि देशभर के माता-पिता अपने बच्चों को दिल्ली भेजते समय खुद को निश्चिंत महसूस कर सकें।
छात्र और छात्राओं दोनों के लिए होगी सुविधा
सरकार की योजना में छात्र और छात्राओं दोनों को शामिल किया गया है। दिल्ली के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए इन छात्रावासों को उपलब्ध कराने की तैयारी है।
फिलहाल सरकार स्थान, नीति और सुविधाओं से जुड़े पहलुओं पर काम कर रही है। योजना लागू होने के बाद दिल्ली में पढ़ने के लिए आने वाले हजारों छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास मिलने की उम्मीद है।


