
Ranchi Crime News: रविवार की रात करीब 8 बजे डोरंडा के धोबी मोहल्ला स्थित उर्दू लाइब्रेरी के पास जब लोग अपनी रोजमर्रा की चहल-पहल में मशगूल थे, तभी अचानक गूंजी ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज ने पूरे इलाके को दहला दिया। महज कुछ ही पलों के भीतर छह राउंड गोलियां दागकर दो हमलावर अपने वाहन से हवा में हथियार लहराते हुए फरार हो गए। गनीमत यह रही कि इस अंधाधुंध गोलीबारी में किसी की जान नहीं गई और कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन हमले के बाद उठे दावों और आरोपों ने पूरे मामले को एक बेहद उलझे हुए मोड़ पर ला खड़ा किया है।

इलाका सील और 6 खोखे बरामद
घटना की भनक लगते ही डोरंडा, चुटिया और जगन्नाथपुर थाने की पुलिस भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए तुरंत घटनास्थल को सील कर दिया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी। मौके से पुलिस को छह खोखे बरामद हुए हैं। सुराग जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर तलब किया गया। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि गोलीबारी कर भागे दोनों शूटरों का हुलिया और उनके भागने का रूट साफ हो सके।

गवाही रोकने की साजिश का आरोप
हमले के तुरंत बाद दरगाह कमेटी से जुड़े जावेद अहमद और उनके परिवार ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि यह फायरिंग उन्हें और उनके परिवार को खत्म करने की नीयत से की गई थी। जावेद अनवर और उनकी पत्नी करीब एक साल पहले हुए चर्चित अल्ताफ अंसारी हत्याकांड के चश्मदीद गवाह हैं। जावेद का कहना है कि आगामी 17 सितंबर को अदालत में इस मामले की अहम गवाही तय है। उनका सीधा आरोप है कि गवाही से मुकरने का दबाव बनाने और डराने के लिए संजर, छोटू गद्दी, अफाक और अली खान के इशारे पर यह हमला कराया गया है। जावेद ने अपने और परिवार की जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
Video जारी कर नकारे आरोप, जमीन के खेल की चर्चा
दूसरी तरफ इस मामले में नामजद किए गए अली खान ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसी बीच छोटू गद्दी के समर्थकों की ओर से एक अलग ही कहानी सामने आई है। उनके अनुसार इस विवाद का संबंध किसी मर्डर केस की गवाही से नहीं, बल्कि जमीन के करीब डेढ़ करोड़ रुपये के पुराने लेन-देन के विवाद से जुड़ा है।
जेल से लौटे शख्स पर टिकी सुई, कई हिरासत में
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से भी टकराव का इतिहास रहा है और पूर्व में क्रॉस FIR भी दर्ज कराई जा चुकी है। पुलिस के कान तब और खड़े हो गए जब पता चला कि एक पक्ष से जुड़ा एक व्यक्ति हाल ही में जेल से बाहर आया है। पुलिस को अंदेशा है कि इस सनसनीखेज वारदात के पीछे उसकी भी बड़ी भूमिका हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने शक के घेरे में आए कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।


