
Bokaro: दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल अंतर्गत भोजूडीह में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। CBI की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर भोजूडीह में पदस्थापित मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक (चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर) को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कार्रवाई एक पीड़ित कर्मचारी की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। गिरफ्तारी की इस कार्रवाई से रेल महकमे और संबंधित कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।
बीमारी की छुट्टी मंजूर करने के एवज में मांगी थी 25 हजार की घूस
CBI से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक पर बीमारी की छुट्टी (सिक लीव) मंजूर करने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया था। आरोपी अधिकारी ने मेडिकल लीव स्वीकृत करने के एवज में कुल 25 हजार रुपये की अनुचित मांग रखी थी। लगातार बनाए जा रहे दबाव से तंग आकर पीड़ित ने मामले की जानकारी सीबीआई को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी ने त्वरित संज्ञान लिया और 15 सितंबर को आरोपी के खिलाफ विधिवत प्राथमिकी दर्ज कर ली।

10 हजार रुपये की पहली किस्त लेते ही रंगेहाथ दबोचा
शिकायत का प्राथमिक सत्यापन सही पाए जाने के बाद CBI की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए रणनीति तैयार की। तय योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि थमाई, मौके पर घात लगाकर बैठी सीबीआई की टीम ने उसे रंगेहाथ धर दबोचा। टीम ने रिश्वत के रूप में दी गई नकदी को मौके से ही विधिवत जब्त कर लिया और आरोपी को तत्काल हिरासत में ले लिया।

आवासीय और कार्यालय परिसरों की तलाशी, धनबाद कोर्ट में पेशी की तैयारी
CBI ने बताया कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद जांच टीम ने आरोपी लोक सेवक के कार्यालय कक्ष तथा उसके आवासीय परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य खंगाले गए हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि कागजी प्रक्रिया और प्रारंभिक पूछताछ पूरी करने के बाद आरोपी अधिकारी को धनबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। इस मामले में संलिप्त अन्य कड़ियों और दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है।


