
Ranchi: साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रांची होकर गुजरने और बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के प्रभाव से झारखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इस मौसमी तंत्र के सक्रिय होने से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई है। राजधानी रांची में मंगलवार को 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हुआ, हालांकि उमस का असर भी बना रहा। इसके अलावा सिमडेगा में पांच मिलीमीटर और देवघर में तीन मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

17 सितंबर तक छाए रहेंगे बादल, 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार आगामी 17 सितंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान वज्रपात, बादलों की गर्जन और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आकाशीय बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सलाह दी है।

बारिश के बीच तापमान में उछाल, जमशेदपुर में 3 डिग्री चढ़ा पारा
बारिश के बावजूद राज्य के प्रमुख शहरों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को रांची के अधिकतम तापमान में एक डिग्री की वृद्धि के साथ पारा 31.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं जमशेदपुर में तीखी धूप और उमस के कारण अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जहां पारा 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पलामू के मेदिनीनगर में भी तापमान में एक डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई और अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
राज्य में सामान्य से 5 प्रतिशत कम बारिश, पाकुड़ और चतरा में अब भी सूखा
झारखंड में मॉनसून की आधिकारिक अवधि 1 जून से 30 सितंबर तक मानी जाती है, हालांकि इसकी पूर्ण वापसी अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक होती है। चालू मॉनसून सीजन में 1 जून से 15 सितंबर तक पूरे राज्य में सामान्य की तुलना में पांच प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में झारखंड की सामान्य औसत बारिश 920.8 मिमी होनी चाहिए थी, जिसके मुकाबले अब तक केवल 871.9 मिमी वर्षा ही दर्ज हो सकी है। राहत की बात यह है कि राजधानी रांची में अब तक सामान्य से 13 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है। इसके विपरीत राज्य के कई जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, जिनमें पाकुड़ में 49 प्रतिशत, चतरा में 36 प्रतिशत और देवघर में सामान्य से 31 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।


