
Jamshedpur: जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर जब एक तेज रफ्तार हाइवा दौड़ रहा था, तो बाहर से देखने में सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन जैसे ही जिला खनन कार्यालय की टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, चालक के हाथ-पांव फूल गए। पोटका के कोवाली थाना क्षेत्र में हुई इस अचानक कार्रवाई के बाद अवैध बालू का कारोबार करने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर कोवाली में टीम ने बिछाया जाल
जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन के सख्त निर्देशों के बाद से ही खनन टास्क फोर्स जिले भर में सक्रिय है। अवैध खनन और खनिजों के गैर-कानूनी परिवहन पर नकेल कसने के लिए प्रशासन की टीमें लगातार गश्त लगा रही हैं। इसी अभियान के तहत जिला खनन कार्यालय को गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने पोटका के कोवाली थाना क्षेत्र में गाड़ियों की जांच के लिए विशेष नाकेबंदी की।

ओडिशा से लाया जा रहा था अवैध बालू
चेकिंग के दौरान जब टीम ने संदिग्ध हाइवा को रोककर उसकी जांच की, तो उसके अंदर लगभग 500 सीएफटी बालू लदा हुआ पाया गया। अधिकारियों ने जब चालक से बालू के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज और चालान मांगे, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। शुरुआती पूछताछ और जांच में पता चला है कि यह बालू पड़ोसी राज्य ओडिशा से अवैध तरीके से लाया जा रहा था और इसे स्थानीय बाजारों में खपाने की तैयारी थी।
थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी, आगे भी जारी रहेगा एक्शन
सही कागजात न पाए जाने पर खनन विभाग ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए बालू समेत पूरे हाइवा को जब्त कर लिया। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में बालू के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में भी ऐसे अवैध कारोबारियों और वाहनों के खिलाफ जांच अभियान इसी तरह जारी रहेगा।


