
Ranchi: राजधानी के HEC इलाके में लगातार दूसरे दिन भी बुलडोजर की गड़गड़ाहट और लोगों की चीख-पुकार के बीच तनाव का माहौल बना रहा। जिला प्रशासन और रांची नगर निगम की संयुक्त टीम जब भारी पुलिस बल के साथ अवैध निर्माणों को ढहाने पहुंची, तो अपने सिर से छत छिनती देख लोगों का धैर्य टूट गया। घर टूटने के दर्द और भविष्य की अनिश्चितता के बीच महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चे सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते बिरसा चौक-हरमू बाईपास रोड का DPS चौक एक बड़े विरोध प्रदर्शन का केंद्र बन गया।

सड़कों पर बैठे बेबस लोग, स्कूल बसों समेत सैकड़ों वाहन फंसे
जैसे ही निगम की जेसीबी मशीनों ने अवैध निर्माणों को जमींदोज करना शुरू किया, आक्रोशित स्थानीय लोग लामबंद होकर मुख्य मार्ग पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने बाईपास रोड को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया, जिससे चंद मिनटों में सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। इस भीषण जाम में कई स्कूल बसें और एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाएं भी घंटों फंसी रहीं। तेज धूप और जाम के बीच स्कूली बच्चों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, जबकि मौके पर तैनात पुलिस के जवान लोगों को समझा-बुझाकर रास्ता खाली कराने की मशक्कत करते रहे।

बिना पुनर्वास बेघर करने का आरोप
आंदोलन कर रहे स्थानीय लोगों का दर्द है कि वे इस जमीन पर पिछले कई दशकों से रहकर अपनी गुजर-बसर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था किए अचानक उनके आशियानों पर बुलडोजर चलवा दिया। कई परिवार एक झटके में खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। लोगों का दो टूक कहना है कि जब तक सरकार उनके रहने के लिए कोई वैकल्पिक जमीन या आवास की व्यवस्था नहीं करती, तब तक यह ध्वस्तीकरण अभियान तुरंत रोका जाए।
सरकारी जमीन मुक्त कराने पर अड़ा प्रशासन
दूसरी ओर नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों का रुख बेहद कड़ा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि HEC और सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार के अवैध और अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी नियमों के तहत की जा रही है और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और चारों तरफ तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।


