
Bokaro: बोकारो जिला अधिवक्ता संघ के विरोध के बाद बेल बॉन्ड के पुलिस सत्यापन से जुड़ा आदेश वापस ले लिया गया है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कार्यालय से जारी इस आदेश को वापस लिए जाने के बाद अब पहले की तरह ही बेल बॉन्ड भरने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

हड़ताल का ऐलान, फिर वापस हुआ आदेश
बेल बॉन्ड की प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन को शामिल किए जाने के विरोध में बोकारो जिला अधिवक्ता संघ ने दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया था। हालांकि, हड़ताल शुरू होने के साथ ही आदेश वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने फैसले का स्वागत किया।

संघ के अध्यक्ष बासुदेव गोस्वामी ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की ओर से जारी आदेश का संघ ने विरोध किया था। उनका कहना है कि आदेश के जरिए बेल बॉन्ड की प्रक्रिया में पुलिस सत्यापन को जोड़ा जा रहा था, जिस पर संघ ने आपत्ति जताई थी।
अधिवक्ता संघ ने आम लोगों का भी उठाया मुद्दा
संघ के महासचिव दिनेश शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता सिर्फ अपने हितों को नहीं, बल्कि आम लोगों की परेशानी को भी ध्यान में रखते हैं। उनके मुताबिक, आदेश लागू होने पर जमानत की प्रक्रिया प्रभावित होती और इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता था।
आदेश वापस लिए जाने के बाद संघ ने इसे राहत वाला फैसला बताते हुए स्वागत किया है।
11 सितंबर को जारी हुआ था आदेश
जानकारी के अनुसार, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय की ओर से 11 सितंबर को पत्रांक 459/2026 जारी किया गया था। यह आदेश 14 सितंबर को जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय को प्राप्त हुआ।
आदेश में अभियुक्तों की ओर से दाखिल किए जाने वाले बेल बॉन्ड का पुलिस से सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया था। संघ के मुताबिक, इसमें जमानतदारों के सत्यापन के दौरान तस्वीर लगाने और पहले एक सप्ताह के लिए प्रोविजनल बेल देने के बाद उसे रेगुलर करने की प्रक्रिया का भी उल्लेख था।
अब पुरानी व्यवस्था से ही होगा काम
इन्हीं प्रावधानों को लेकर जिला अधिवक्ता संघ ने विरोध जताया था। अब आदेश वापस लिए जाने के बाद बेल बॉन्ड भरने और जमानत की प्रक्रिया पूर्व की व्यवस्था के अनुसार ही जारी रहेगी।


