
Bokaro: सिविल सर्जन कार्यालय में लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात तीन कर्मचारियों के तबादले को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति ने डाटा मैनेजर कंचन कुमारी, लेखपाल अमित सिन्हा और एनसीडी में कार्यरत मुकेश कुमार की लंबे समय से एक ही स्थान पर पोस्टिंग को लेकर सवाल उठाए हैं।

समिति का दावा है कि तीनों कर्मचारी करीब 10 से 18 वर्षों से एक ही जगह पर काम कर रहे हैं। तबादले की मांग को लेकर समिति ने 31 जुलाई को धरना देने की घोषणा की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने समिति के प्रतिनिधियों से बातचीत की और तीनों कर्मचारियों के खिलाफ जांच के निर्देश दिए।

‘तीन साल बाद तबादला तो यहां इतने साल क्यों?’
जांच के सिलसिले में डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने समिति के सदस्यों से पूछताछ की। इस दौरान समिति ने सवाल उठाया कि जब प्रशासनिक व्यवस्था में आम तौर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले की एक तय अवधि होती है, तो इन तीन कर्मचारियों को इतने लंबे समय से एक ही कार्यालय में क्यों रखा गया है।
समिति ने यह भी आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य विभाग में खरीदारी से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हुईं और कुछ सामान कथित तौर पर अधिक कीमत पर खरीदे गए।
पिछली जांच का भी दिया हवाला
संयुक्त संघर्ष समिति के राहुल कुमार ने दावा किया कि पिछले साल निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड सरकार के स्तर पर डॉ. शशि प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में जांच कराई गई थी। समिति के मुताबिक, उस जांच में भी कार्यहित को देखते हुए तबादले की जरूरत बताई गई थी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। खरीदारी में अनियमितता और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
‘जल्द तबादला नहीं हुआ तो आंदोलन’
समिति ने कहा है कि अगर तीनों कर्मचारियों का जल्द तबादला नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। समिति ने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और लंबे समय से एक ही जगह तैनाती से जुड़े सवालों का मामला बताया है।
मौके पर पार्षद गायत्री देवी, राहुल कुमार समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।


