
Ranchi:रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत गुंजा देवनजारा गांव में करीब तीन साल पहले हुए दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड में अदालत ने इंसाफ की मुहर लगा दी है। मामूली से विवाद में पति और उसकी दो पत्नियों की धारदार हथियारों से काटकर की गई नृशंस हत्या के मामले में रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार-2 की अदालत ने एक महिला समेत सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है, जिस दिन सभी दोषियों के मुकद्दर का फैसला होगा।

अदालत के कटघरे में 11 गुनहगार
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में सहजनाथ बेदिया, राजो देवी, संजीत बेदिया, रंजीत बेदिया, हेमंत बेदिया, महेंद्र बेदिया, पंचिंत बेदिया, कामेश्वर बेदिया, अनुज बेदिया, सुकरा मुंडा और एक अन्य शामिल हैं। यह पूरा मामला ओरमांझी थाना कांड संख्या 90/2023 के तहत दर्ज किया गया था। इन सभी पर झामेश्वर बेदिया, उनकी पहली पत्नी सरिता देवी और दूसरी पत्नी संजू देवी को बेरहमी से मौत के घाट उतारने का संगीन आरोप साबित हुआ है।

मकई की फसल से शुरू हुआ था खूनी विवाद
घटना के पीछे की वजह कोई पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि मवेशी द्वारा फसल चराने से उपजा एक मामूली झगड़ा था। प्राथमिकी के अनुसार, गांव में खेत में सूअर के घुस जाने और मकई की फसल को नुकसान पहुंचाने को लेकर झामेश्वर बेदिया और सहजनाथ बेदिया के परिवार के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इसी विवाद के दौरान झामेश्वर ने सहजनाथ के परिवार के एक सदस्य के साथ हाथपाई कर दी थी। उस वक्त मामला शांत तो हो गया, लेकिन सहजनाथ के परिजनों के भीतर बदले की आग धधक रही थी।
कुदाल और चापड़ से घर में घुसकर किया था कत्लेआम
तारीख थी 31 अगस्त 2023, सुबह करीब 11 बजे आरोपी लोहे की कुदाल, चापड़ और तलवारनुमा घातक हथियारों से लैस होकर एकजुट हुए। उन्होंने झामेश्वर बेदिया के घर पर अचानक धावा बोल दिया और देखते ही देखते झामेश्वर, उसकी पत्नी सरिता देवी और संजू देवी पर अंधाधुंध वार करना शुरू कर दिया। हमले की चीख-पुकार सुनकर जब सूचक संत राज बेदिया बीच-बचाव करने पहुंचे, तो हमलावरों ने उनके साथ भी बुरी तरह मारपीट की। अस्पताल ले जाने से पहले ही तीनों ने दम तोड़ दिया था।
ठोस गवाहों के आधार पर अदालत का फैसला
ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष चश्मदीद गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और बरामद हथियारों से जुड़े कई पुख्ता साक्ष्य पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद सुबूतों का गहराई से अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि सभी 11 आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया था। सभी आरोपियों को दोषी करार दिए जाने के बाद अब पूरे इलाके की निगाहें 17 सितंबर को आने वाले सजा के ऐलान पर टिक गई हैं।


