
Ranchi: रामगढ़ चुट्टूपालू घाटी में सड़क हादसा होने के बाद अगर समय पर पुलिस, एंबुलेंस या राहत टीम को फोन ही न लगे तो मुश्किल और बढ़ जाती है। घाटी क्षेत्र में लंबे समय से मोबाइल नेटवर्क की समस्या को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। उपायुक्त ऋतुराज ने खुद घाटी का निरीक्षण कर नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ दुर्घटनाओं के दौरान राहत-बचाव व्यवस्था का जायजा लिया।

टावर नहीं होने से बनी रहती है परेशानी
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि चुट्टूपालू घाटी क्षेत्र में मोबाइल टावर नहीं होने के कारण नेटवर्क सेवा प्रभावित रहती है। खासकर सड़क दुर्घटना जैसी इमरजेंसी में इसकी वजह से पुलिस, एंबुलेंस और राहत-बचाव टीमों तक सूचना पहुंचाने में देरी हो सकती है।

इसी समस्या को देखते हुए उपायुक्त ने घाटी में नेटवर्क व्यवस्था बेहतर करने के लिए तत्काल पहल करने के निर्देश दिए।
Jio की टीम करेगी जगह का सर्वे
उपायुक्त ने Jio की टेक्निकल टीम को घाटी क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने के लिए उपयुक्त जगह का सर्वे करने को कहा है। टीम को जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि टावर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
हादसे के बाद मदद पहुंचाने में कम होगा समय
प्रशासन का मकसद सिर्फ मोबाइल नेटवर्क को बेहतर करना नहीं है, बल्कि चुट्टूपालू घाटी में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के दौरान इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम कम करना भी है। नेटवर्क मजबूत होने से हादसे की सूचना पुलिस और एंबुलेंस तक तेजी से पहुंच सकेगी और राहत-बचाव कार्य को भी समय पर शुरू किया जा सकेगा।


