
Bokaro News: बोकारो शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चला, सड़कें खाली कराई गईं और बड़े पैमाने पर मलबा हटाया गया, लेकिन बुधवार की बारिश ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सेक्टर-4 स्थित लक्ष्मी मार्केट और दवा बाजार में करीब एक घंटे की बारिश के बाद घुटने तक पानी जमा हो गया। सड़क से लेकर दुकानों के सामने तक पानी भरने से मरीजों, बुजुर्गों, महिलाओं और दुकानदारों को काफी परेशानी हुई।

बारिश हुई और देखते ही देखते डूब गया पूरा बाजार
बुधवार दोपहर तेज बारिश शुरू हुई तो कुछ ही देर में लक्ष्मी मार्केट और दवा बाजार की तस्वीर बदल गई। दुकानों के सामने पानी जमा हो गया और लोगों को उसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

इलाज के लिए अस्पताल और दवा बाजार पहुंचे मरीजों के साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानदारों को भी पानी से सामान खराब होने और कारोबार प्रभावित होने की चिंता सताती रही।
अतिक्रमण हटाने के बाद भी वही समस्या
सबसे बड़ा सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इसी इलाके में जलजमाव और रास्ते की समस्या को लेकर प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। अभियान के दौरान कई दुकानों और अवैध निर्माणों को हटाया गया और काफी मात्रा में मलबा भी साफ कराया गया था।
इसके बावजूद बारिश के बाद बाजार में जलजमाव की स्थिति ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधरी तो सिर्फ अतिक्रमण हटाने से समस्या का समाधान कैसे होगा।
प्रशासनिक निरीक्षण के बाद भी राहत का इंतजार
बताया जाता है कि बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने लक्ष्मी मार्केट और सिटी सेंटर इलाके का निरीक्षण कर जलजमाव की समस्या का जायजा लिया था। उस समय जलनिकासी व्यवस्था बेहतर करने और रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर दिया गया था।
लेकिन बुधवार की बारिश के बाद बाजार की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हर बार बारिश के दौरान उन्हें इसी परेशानी से गुजरना पड़ता है।
दवा दुकानदारों ने मांगा स्थायी समाधान
स्थानीय दवा दुकानदारों ने जिला प्रशासन से जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। युवा समाजसेवी अंकित सिंह ने भी उपायुक्त से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
उन्होंने बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन से भी सीवरेज लाइन की मरम्मत और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कराने की दिशा में जरूरी कार्रवाई कराने की मांग की है।
सवाल सिर्फ पानी निकलने का नहीं, व्यवस्था बदलने का है
हर बारिश के बाद लक्ष्मी मार्केट और दवा बाजार में जलजमाव की तस्वीर सामने आती है। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक बारिश के दौरान उन्हें घुटने भर पानी के बीच से गुजरना पड़ेगा।
अब देखना यह है कि अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन और संबंधित एजेंसियां ड्रेनेज व सीवरेज व्यवस्था को स्थायी तौर पर सुधारने के लिए क्या कदम उठाती हैं, ताकि अगली बारिश में लक्ष्मी मार्केट फिर से पानी में न डूबे।


