
Jharkhand CID: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर लगे दाग और उनमें हुई कथित गड़बड़ियों की तह तक पहुंचने के लिए CID की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। राज्य के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गिरोहों की कमर तोड़ते हुए CID ने बुधवार को एक साथ दो बड़े मामलों में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने JPSC और JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े मामलों में कुल 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इनमें से 2 आरोपियों की गिरफ्तारी JPSC मामले में हुई है, जबकि 2 अन्य को JSSC-CGL परीक्षा धांधली कांड में दबोचा गया है।

कोचिंग संचालक से साठगांठ कर लिया था फायदा
JPSC प्रतियोगिता परीक्षा में हुई अनियमितताओं को लेकर दर्ज CID थाना कांड संख्या 16/2026 में एजेंसी ने जमशेदपुर और रांची से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें पहला आरोपी 29 वर्षीय ऋतिक रोशन है, जो जमशेदपुर के उलीडीह, मानगो स्थित सुंदर नगर गार्डन के पास का रहने वाला है। वहीं दूसरा आरोपी 32 वर्षीय पंकज प्रशून है, जो राजधानी रांची के सुखदेवनगर स्थित कमलाकांत रोड का निवासी है। CID की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इन दोनों को पूर्व में गिरफ्तार हो चुके ‘शिवांगन की पाठशाला’ (लालपुर) के कोचिंग संचालक संजीत कुमार ने परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया था। कोचिंग संचालक के साथ मिलकर रची गई इस साजिश के पुख्ता सबूत मिलने के बाद दोनों को सलाखों के पीछे भेजा गया।

JSSC-CGL में अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने वाले धराए
दूसरी ओर राज्यभर में लंबे समय से चर्चा और विवादों के केंद्र में रही JSSC-CGL परीक्षा गड़बड़ी मामले में भी CID को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। CID थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत कार्रवाई करते हुए जांच दल ने कोडरमा जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में कोडरमा के गोलवाढ़ाब निवासी राजेश प्रसाद यादव और पूर्णा नगर निवासी संदीप कुमार शामिल हैं।
जेल भेजे गए चारों आरोपी, जांच का दायरा बढ़ा
CID की जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोडरमा से पकड़े गए इन दोनों शातिरों ने JSSC-CGL परीक्षा के दौरान कई अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने और परीक्षा तंत्र को प्रभावित करने में सीधी भूमिका निभाई थी। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। CID अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से परीक्षा माफिया के पूरे नेटवर्क, बिचौलियों और पर्दे के पीछे बैठे अन्य सफेदपोशों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिलेगी। एजेंसी आने वाले दिनों में कुछ और अहम कड़ियों का खुलासा कर सकती है।


