
Ranchi: राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और केंद्र सरकार के कामकाज में इसके प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में झारखंड की राजधानी रांची ने राष्ट्रीय पटल पर एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मुंबई में आयोजित दो दिवसीय छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास-केंद्रीय कार्यालय), रांची को ‘प्रशंसनीय श्रेणी’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है। यह सम्मान समिति द्वारा अपने सदस्य कार्यालयों में राजभाषा नीतियों को धरातल पर उतारने और सरकारी कामकाज में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

अमित शाह ने किया था सम्मेलन का उद्घाटन
दो दिवसीय भव्य राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के पावन अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं सुश्री सुनेत्रा पवार समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन के दूसरे दिन हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और सक्रिय राजभाषा गतिविधियों के संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले देश भर के विभिन्न संस्थानों और समितियों को पुरस्कृत किया गया।

सचिव अंशुलि आर्या के हाथों मिला सम्मान
समारोह के दौरान भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की सचिव श्रीमती अंशुलि आर्या ने नराकास (केंद्रीय कार्यालय), रांची को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। नराकास रांची के अध्यक्ष सह मुख्य आयकर आयुक्त राधे श्याम तथा समिति के सदस्य सचिव प्रसून कुमार ने मंच पर उपस्थित होकर संयुक्त रूप से यह सम्मान ग्रहण किया। समिति के इस राष्ट्रीय सम्मान से रांची स्थित तमाम केंद्रीय कार्यालयों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
48 केंद्रीय दफ्तरों के बीच मजबूत समन्वय
मौजूदा समय में नराकास रांची के अंतर्गत केंद्र सरकार के 48 प्रमुख कार्यालय जुड़े हुए हैं। समिति इन सभी दफ्तरों में राजभाषा के लक्ष्यों को हासिल करने, कर्मियों को मूल पत्राचार हिंदी में करने के लिए प्रेरित करने और समय-समय पर हिंदी कार्यशालाओं के आयोजन में नोडल एजेंसी के तौर पर सक्रिय भूमिका निभा रही है। दफ्तरों में हिंदी के प्रयोग की नियमित समीक्षा और प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बदौलत ही रांची को राष्ट्रीय स्तर पर यह विशिष्ट मुकाम हासिल हुआ है।
कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास की जीत
इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्य आयकर आयुक्त राधे श्याम ने कहा कि यह पुरस्कार नराकास रांची से जुड़े सभी 48 सदस्य कार्यालयों के विभागाध्यक्षों, अधिकारियों और कर्मचारियों के निरंतर व समेकित प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सभी कार्मिकों को भविष्य में और अधिक निष्ठा, ऊर्जा तथा प्रतिबद्धता के साथ अपनी दैनिक कार्यप्रणाली में हिंदी को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगा। यह राष्ट्रीय पहचान झारखंड में राजभाषा संवर्धन की मुहिम को एक नई रफ्तार और दिशा देगी।


