
Sahibganj Flood: साहिबगंज जिले में आई बाढ़ की आपदा के बीच जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन राहत व बचाव कार्यों में सक्रिय नजर आ रहे हैं। उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) के नेतृत्व में अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं और पीड़ितों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, मैदानी स्तर पर रामपुर दियारा जैसे सुदूर इलाकों से सामने आ रही तस्वीरें यह साफ करती हैं कि राहत अभियानों के बावजूद कई बुनियादी समस्याओं का समाधान होना अभी बाकी है।

चार थानों में चल रहा लंगर, सूखा राशन और चारा बांटने में जुटी टीम


आपदा से घिरे लाचार लोगों की मदद के लिए पुलिस प्रशासन ने सराहनीय मानवीय पहल की है। जिले के चार प्रमुख थानों में नियमित लंगर चलाकर बाढ़ पीड़ितों को दोनों वक्त का गर्म ताजा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन की टीमें लगातार जलमग्न इलाकों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच सूखा राशन पैकेट और मवेशियों के लिए सूखा चारा वितरित कर रही हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस इस बात पर है कि किसी भी परिवार को भोजन या आवश्यक वस्तुओं की किल्लत न हो।
रामपुर दियारा के ग्रामीणों की पीड़ा, पशु चिकित्सा न मिलने से मवेशियों की मौत

राहत सामग्री वितरण के दावों के बीच रामपुर दियारा के ग्रामीणों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए जमीनी हकीकत बयां की है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन सूखा राशन और चारा जरूर पहुंचा रहा है, लेकिन बीमार मवेशियों के समुचित इलाज के लिए अब तक कोई ठोस चिकित्सीय व्यवस्था नहीं की गई है। दवाओं और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी के चलते कई मवेशी दम तोड़ चुके हैं, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इलाके में तुरंत पशु चिकित्सकों की मोबाइल टीम भेजी जाए।
गंगा के जलस्तर में गिरावट से हल्की राहत, पूरी बहाली का इंतजार

एक सकारात्मक पहलू यह है कि पिछले कुछ घंटों में गंगा नदी के जलस्तर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। पानी घटने से कुछ निचले इलाकों में जलजमाव कम हुआ है और लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। इसके बावजूद दियारा अंचल के ग्रामीणों का मानना है कि जब तक बीमारियों से बचाव, शुद्ध पेयजल और मवेशियों के इलाज की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होगी, तब तक उनकी परेशानियां पूरी तरह खत्म नहीं हो सकतीं।


