
Koderma: कोडरमा समाहरणालय सभागार में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की अध्यक्षता में यूटिलिटी टास्क फोर्स की अहम बैठक हुई। बैठक में जिले में चल रही बिजली, पेयजल, पाइपलाइन और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। समीक्षा के दौरान जलापूर्ति योजनाओं के काम में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं दिखने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी।

जुडको के कार्यों की समीक्षा, तय समय सीमा में काम पूरा करने का अल्टीमेटम
उपायुक्त ने जुडको द्वारा कराए जा रहे इनटेक वेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन बिछाने के कार्यों की मौजूदा स्थिति की बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय बनाकर काम की रफ्तार बढ़ाएं, ताकि जलापूर्ति योजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कर आम जनता को इसका लाभ दिया जा सके।

पॉलिटेक्निक और करमा मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्य की पड़ताल
बैठक में राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, गोहाल और करमा मेडिकल कॉलेज के निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने करमा मेडिकल कॉलेज परिसर में मरीजों, छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्याप्त और समुचित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने का विशेष निर्देश दिया। उन्होंने भवन निर्माण से जुड़ी एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा।
निर्बाध बिजली और चोरी के खिलाफ नियमित छापेमारी के आदेश
जिले में विद्युत आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा करते हुए डीसी ने निर्बाध बिजली देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में बार-बार बिजली कटने या फॉल्ट की समस्या आ रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर तुरंत सुधार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर समाहर्ता संजय पी.एम. कूजूर, सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जुडको के प्रतिनिधि मौजूद थे।


