
Koderma: कोडरमा जिले में लगातार बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। साइबर ठगी के मामलों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए तकनीकी शाखा और साइबर सेल को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस अब हाईटेक सॉफ्टवेयर और आधुनिक टूल्स का सहारा लेकर ठगी की रकम को तेजी से फ्रीज कराने और पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने की दिशा में काम कर रही है।

त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों के पैसे हो रहे वापस
एसपी कुमार शुभाशीष ने बताया कि साइबर अपराध की कोई भी शिकायत मिलते ही तकनीकी स्तर पर तत्काल एक्शन लिया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई का ही नतीजा है कि कई मामलों में ठगी गई राशि को अपराधियों के खातों में जाने से पहले ही समय रहते होल्ड करा दिया गया, जिससे पीड़ितों को उनकी गाढ़ी कमाई वापस मिल सकी है। एसपी ने कहा कि पुलिस जल्द ही इन सफल कार्यवाइयों और बरामदगी से जुड़ा पूरा ब्योरा प्रेस विज्ञप्ति के जरिए जनता के सामने रखेगी।

तस्वीरें अपलोड करने से पहले बरतें सावधानी, AI से छेड़छाड़ का बड़ा खतरा
साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए पुलिस ने जनता के बीच जागरूकता को सबसे बड़ा बचाव बताया है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया या किसी भी गैर-भरोसेमंद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना सोचे-समझे अपनी निजी तस्वीरें अपलोड न करें। खासकर महिलाओं और बच्चों की तस्वीरों को सार्वजनिक करने से पूरी तरह परहेज करने की सलाह दी गई है। पुलिस के मुताबिक आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स के जरिए असली तस्वीरों से छेड़छाड़ कर फर्जी और आपत्तिजनक वीडियो या फोटो आसानी से तैयार किए जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग में होता है।
सोशल मीडिया ट्रेंड्स को लेकर एसपी की खास अपील
SP कुमार शुभाशीष ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चलने वाले किसी भी नए ट्रेंड या चैलेंज के चक्कर में अपनी निजी तस्वीरें साझा करने से बचें। किसी भी ट्रेंड को अपनाने से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और प्राइवेसी की पूरी जांच कर लें। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में आपकी थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी आपको किसी भी बड़े ऑनलाइन फ्रॉड या मानसिक परेशानी से बचा सकती है।


