
Giridih: गिरिडीह कॉलेज में कथित वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े को लेकर चल रहा विवाद अब अनिश्चितकालीन आंदोलन में तब्दील हो गया है। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार से भूख हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक कॉलेज के प्रिंसिपल और एक प्रोफेसर के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच बैठाकर कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं की जाती, तब तक उनका यह अनशन दिन-रात जारी रहेगा।

अनशन पर बैठे तीन प्रमुख छात्र नेता
शुक्रवार सुबह कॉलेज परिसर में ABVP के छात्र नेता मंटू मुर्मू, नीरज चौधरी और अनीश राय औपचारिक रूप से भूख हड़ताल पर बैठ गए। अनशनकारी नेताओं का कहना है कि वे न्याय और कॉलेज के वित्तीय अनुशासन की बहाली के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को तैयार हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यह सांकेतिक धरना नहीं है, बल्कि तब तक खत्म नहीं होगा जब तक कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालेन्दु शेखर त्रिपाठी के खिलाफ विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो जाती।

फर्जी साइन कर करोड़ों के गबन का संगीन आरोप
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। ABVP का दावा है कि प्रिंसिपल डॉ. मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालेन्दु शेखर त्रिपाठी ने फर्जी हस्ताक्षर के सहारे करोड़ों रुपये का गबन किया है। विशेष रूप से इग्नू (IGNOU) की परीक्षा मद में आवंटित भारी-भरकम राशि में बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाला किया गया। छात्र नेताओं ने कहा कि संगठन पिछले कई महीनों से इस मामले को लेकर सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक आंदोलन कर रहा है, लेकिन रसूख के चलते अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
जांच कमेटियों को सबूत देने के बावजूद लीपापोती
नेताओं का आरोप है कि उन्होंने घोटाले से जुड़े कई पुख्ता साक्ष्य, दस्तावेज और तथ्य विभिन्न जांच कमेटियों को सौंपे हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारी और जांच एजेंसियां मामले को दबाने में लगी हुई हैं और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी निष्क्रियता और टालमटोल की नीति से तंग आकर संगठन को बाध्य होकर भूख हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा है।
समर्थन में जुटे दर्जनों छात्र
भूख हड़ताल के पहले ही दिन कॉलेज परिसर में छात्रों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। अनशन पर बैठे मंटू मुर्मू, नीरज चौधरी और अनीश राय के समर्थन में कृष पासवान, कृष्णा दास, अनिशा कुमारी, वर्षा कुमारी समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं धरने पर पहुंचे और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


