
Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ा कानूनी झटका लगा है। रांची के बड़गाईं अंचल स्थित भूमि से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका (IA) को अदालत ने खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों की विस्तृत बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया।

ट्रायल कोर्ट के 8 जून के आदेश को दी गई थी चुनौती
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी क्रिमिनल रिवीजन याचिका में रांची स्थित विशेष PMLA कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी डिस्चार्ज (आरोपमुक्ति) याचिका को 8 जून को खारिज कर दिया था। मुख्यमंत्री की ओर से हाईकोर्ट से गुहार लगाई गई थी कि जब तक क्रिमिनल रिवीजन पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक ट्रायल कोर्ट की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाई जाए। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा था।

बड़गाईं भूमि घोटाले में ED ने बनाया है आरोपी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची के बड़गाईं अंचल क्षेत्र में स्थित साढ़े आठ एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे और कथित फर्जीवाड़े के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मनी लॉन्ड्रिंग कानून (PMLA) के तहत आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि दस्तावेजों में हेरफेर कर जमीन पर अवैध रूप से दखल बनाया गया और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन किए गए।
निचली अदालत में शनिवार को होनी है अहम सुनवाई
हाईकोर्ट से रोक संबंधी अंतरिम अर्जी खारिज होने के बाद अब ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही बिना किसी बाधा के आगे बढ़ेगी। विशेष PMLA कोर्ट में इस पूरे प्रकरण पर शनिवार को सुनवाई की तिथि निर्धारित है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के कारण अब ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने और आगे की न्यायिक प्रक्रिया की दिशा में सुनवाई जारी रहेगी।


