
Giridih: गिरिडीह कॉलेज में सरकारी राशि के कथित गबन को लेकर शुरू हुई भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। छात्र संगठन से जुड़े नीरज चौधरी और अनीश राय प्रिंसिपल मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालनेदु शेखर त्रिपाठी के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं।

कमजोरी के कारण नहीं दे सके बयान
भूख हड़ताल के दूसरे दिन दोनों की तबीयत कमजोर नजर आई। नीरज चौधरी और अनीश राय काफी देर तक वहीं आराम करते दिखे। कमजोरी के चलते दोनों ने मीडिया से बातचीत करने से भी इनकार कर दिया।

उनके समर्थन में मौजूद छात्र संगठन के मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी स्तर पर जांच के नाम पर आंदोलन खत्म कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की जांच शुरू नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगी।
फर्जी साइन से राशि निकालने का आरोप
मंटू मुर्मू ने आरोप लगाया कि कॉलेज में सरकारी राशि का गबन कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर के जरिए किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
AJSU छात्र मोर्चा ने भी दिया धरना
इसी मामले को लेकर आजसू छात्र मोर्चा की ओर से भी कॉलेज परिसर में धरना दिया गया। धरने का नेतृत्व छात्र मोर्चा के नेता अक्षय यादव ने किया। उन्होंने प्रिंसिपल और प्रोफेसर पर कॉलेज प्रशासन में अनियमितता के आरोप लगाए।
अक्षय यादव ने दावा किया कि IGNOU मद में आए लाखों रुपये के फंड के साथ कॉलेज के दूसरे जरूरी कामों के लिए मिली राशि में भी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की और कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र मोर्चा अपना आंदोलन और तेज करेगा।


