
Deoghar: मोबाइल की घंटी बजती है, दूसरी तरफ से एक आवाज खुद को डिजिटल पेमेंट वॉलेट का अधिकारी बताती है और बातों-बातों में खाते में कैशबैक आने का लालच देती है। इसके बाद एक फर्जी एपीके फाइल भेजी जाती है और जैसे ही पीड़ित उस पर क्लिक करता है, उसके बैंक खाते से गाढ़ी कमाई गायब हो जाती है। साइबर ठगी के इस शातिराना खेल को अंजाम देने वाले एक बड़े गिरोह का देवघर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के 10 साइबर अपराधियों को धर दबोचा है।

गूगल पे और पेटीएम के नाम पर बिछाते थे जाल
पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि गिरोह के सदस्य बेहद चालाकी से काम करते थे। ये शातिर खुद को गूगल पे, फोनपे, पेटीएम और फ्लिपकार्ट या अमेजन पे के कस्टमर केयर का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। कभी खाता या कार्ड ब्लॉक होने का डर दिखाकर तो कभी रिवॉर्ड पॉइंट और कैशबैक का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसा लिया जाता था। इसके बाद पीड़ित के फोन में मालवेयर वाली फर्जी एपीके फाइल इंस्टॉल कराकर या गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर खातों में जमा रकम उड़ा ली जाती थी।

15 मोबाइल और 18 सिम कार्ड बरामद, कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
पुलिस ने छापेमारी के दौरान इन अपराधियों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, 18 सिम कार्ड और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। जब्त किए गए मोबाइल नंबरों और आईएमईआई नंबरों की जब तकनीकी जांच की गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। इन नंबरों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर अपराध की दर्जनों शिकायतें पहले से दर्ज पाई गईं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन तकनीकी सबूतों के आधार पर गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क और ठगी के बड़े दायरे का पर्दाफाश करने में मदद मिलेगी।
चार अपराधियों का निकला पुराना रिकॉर्ड, जांच में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों की पहचान महेश राणा, गौतम राणा, पांडव महतो, शुभम यादव, उत्तम राणा, लालमोहन राणा, कैलाश दास, कुंदन कुमार दास, मनोवर अंसारी और छलबली कुमार के रूप में हुई है। ये सभी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। इनमें से उत्तम राणा, कैलाश दास, कुंदन कुमार दास और मनोवर अंसारी का पहले से ही आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ देवघर साइबर थाने में पहले भी मामले दर्ज हैं। पुलिस अब बरामद सामानों के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है।


