
Giridih: गिरिडीह में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन कानून यानी MMDR संशोधन के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शनिवार को कई प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन किया। जमुआ और सरिया प्रखंड में भी JMM की प्रखंड कमेटी ने धरना दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संशोधन वापस लेने की मांग की। जिले में पार्टी की ओर से कुछ जगहों पर रैली भी निकाली गई।

धरने में शामिल हुए केदार हाजरा
जमुआ और सरिया में आयोजित कार्यक्रम में जमुआ के पूर्व विधायक और JMM नेता केदार हाजरा भी शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज और राजस्व हितों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

केदार हाजरा ने दावा किया कि संशोधित कानून से झारखंड को करीब 13 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। उनके मुताबिक, इसका असर राज्य के विकास कार्यों और आम लोगों के लिए चल रही योजनाओं पर पड़ सकता है।
पेंशन और मैया सम्मान योजना का मुद्दा उठाया
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि राजस्व पर असर पड़ने से सर्वजन पेंशन योजना और मंईयां सम्मान योजना जैसी योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सड़क, पुल और पुलिया जैसी विकास योजनाओं पर भी इसका असर पड़ेगा।
हालांकि, 13 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा JMM नेता के दावे के रूप में ही सामने आया है। MMDR संशोधन के प्रभाव को लेकर केंद्र और राज्य के राजनीतिक पक्षों के बीच अलग-अलग दावे हैं।
संशोधन वापस लेने की मांग
प्रदर्शन के दौरान JMM कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से MMDR संशोधन वापस लेने की मांग की। पार्टी का कहना है कि झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों के अधिकार और राजस्व हितों की सुरक्षा जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है।


