
Bokaro: बोकारो जिले के चास प्रखंड मुख्यालय के बाहर उस समय आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सड़क के मुख्य हिस्से पर ही अपना पंडाल तान दिया। एमएमडीआर संशोधन बिल के विरोध में आयोजित इस कार्यक्रम की वजह से सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से बंद हो गया, जिससे दिनभर राहगीरों और वाहन चालकों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी।

सड़क पर जमा टेंट और रेंगते नजर आए वाहन
प्रखंड मुख्यालय के ठीक सामने सड़क के बीचों-बीच टेंट लगा दिए जाने के कारण दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। चालकों को या तो जैसे-तैसे बची हुई संकरी जगह से गाड़ियां निकालनी पड़ रही थीं, या फिर लंबा रास्ता तय कर दूसरे मार्गों से जाना पड़ रहा था। सत्ता दल का कार्यक्रम होने के कारण मौके पर मौजूद लोग खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे थे, लेकिन राहगीरों के चेहरे पर ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को लेकर साफ नाराजगी देखी गई।


प्रशासनिक अनुमति पर उठे सवाल और लोगों की नाराजगी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रम के लिए मुख्य मार्ग को बाधित करना कहीं से भी उचित नहीं है। लोगों का तर्क है कि यदि प्रशासन की ओर से किसी कार्यक्रम की अनुमति दी भी जाती है, तो यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पंडाल या टेंट सड़क से हटकर किसी खाली मैदान या किनारे में लगाया जाए, ताकि दैनिक आवाजाही पर कोई असर न पड़े। सड़क जाम होने की वजह से कई जरूरी काम से निकले लोग और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियां भी वक्त पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सकीं।
मामले की समीक्षा की बात कह रहे पुलिस अधिकारी
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासनिक पक्ष रखते हुए चास के एएसपी वेदांत शंकर ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन पूर्व में ली गई प्रशासनिक अनुमति के आधार पर ही किया जा रहा था। हालांकि, सड़क पर टेंट लगाए जाने से आम लोगों को हुई असुविधा के सवाल पर उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की समीक्षा करेगा। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि अनुमति के बावजूद मुख्य सड़कों पर किसी भी तरह का निर्माण या टेंट लगाकर यातायात बाधित न किया जाए।


