
पटना: साइबर अपराधियों ने अब बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के नाम और तस्वीर का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी WhatsApp Business अकाउंट बना लिया है। इस अकाउंट के जरिए निर्वाचन विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश भेजे जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद बिहार पुलिस मुख्यालय की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने पटना साइबर थाने को मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

CEO के नाम और तस्वीर का किया गया इस्तेमाल
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, डीजीपी कार्यालय को इस संबंध में शिकायत मिली थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात लोगों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के नाम और आधिकारिक तस्वीर का इस्तेमाल कर एक फर्जी WhatsApp Business अकाउंट तैयार किया।

इस अकाउंट के जरिए निर्वाचन विभाग से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश भेजे गए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन संदेशों का मकसद क्या था और क्या इसके जरिए अधिकारियों को भ्रमित करने या किसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की कोशिश की गई।
तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल
प्रारंभिक जांच में फर्जी WhatsApp अकाउंट के संचालन में तीन मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। पुलिस को दिए गए पत्राचार में +84 795528704, +84 788584758 और +84 788417605 नंबरों का उल्लेख किया गया है।
इन नंबरों और WhatsApp अकाउंट के संचालक की पहचान की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन नंबरों से किन अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश भेजे गए और उनमें किस तरह की जानकारी या निर्देश दिए गए थे।
साइबर थाने को जांच और कार्रवाई के निर्देश
बिहार पुलिस मुख्यालय की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने पटना साइबर थाने को मामले की जांच कर फर्जी मोबाइल नंबरों और WhatsApp अकाउंट के संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी अकाउंट के जरिए किसी वित्तीय धोखाधड़ी, डेटा हासिल करने या अन्य साइबर अपराध को अंजाम देने का प्रयास तो नहीं किया गया।
फिलहाल साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अकाउंट के पीछे कौन है और निर्वाचन विभाग के अधिकारियों को संदेश भेजने का वास्तविक मकसद क्या था, इसका खुलासा जांच आगे बढ़ने के बाद ही होगा।


