
Ranchi: जन्मजात हृदय रोग से जूझ रहे झारखंड के 26 बच्चों के लिए 21 सितंबर का दिन जिंदगी में नई उम्मीद लेकर आने वाला है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इन बच्चों को बेहतर इलाज और जरूरी सर्जरी के लिए कोच्चि स्थित अमृता अस्पताल भेजा जा रहा है।

खुद स्वास्थ्य मंत्री करेंगे रवाना
सोमवार शाम 5 बजे हटिया रेलवे स्टेशन से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी खुद इन बच्चों और उनके अभिभावकों को कोच्चि के लिए रवाना करेंगे। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा भी मौजूद रहेंगे, जिससे इस पूरे अभियान को लेकर सरकार की गंभीरता साफ झलकती है।

इलाज से लेकर रहने-खाने तक, सब कुछ मुफ्त
इस पूरी पहल की सबसे खास बात यह है कि बच्चों के इलाज से लेकर उनके अभिभावकों के रहने और खाने तक, किसी भी तरह का खर्च परिवारों को नहीं उठाना पड़ेगा। हर बच्चे के साथ उनके माता-पिता या अभिभावक भी साथ जाएंगे, जिनके लिए 3एसी ट्रेन टिकट की व्यवस्था पहले ही कर दी गई है। कोच्चि पहुंचने के बाद अमृता अस्पताल में बच्चों की सर्जरी और उपचार पूरी तरह निःशुल्क होगा, और साथ गए परिजनों के ठहरने व भोजन का इंतजाम भी बिना किसी शुल्क के किया जाएगा।
किन जिलों से जा रहे हैं सबसे ज्यादा बच्चे?
इस दल में सबसे ज्यादा पांच बच्चे गोड्डा जिले से शामिल हैं। इसके अलावा बोकारो और दुमका से चार-चार, गिरिडीह, जामताड़ा और पाकुड़ से दो-दो, जबकि रांची, लातेहार, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद और गुमला से एक-एक बच्चे को इलाज के लिए भेजा जा रहा है। बता दें कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित 387 बच्चों का सफल और निःशुल्क इलाज कराया जा चुका है। सरकार की यह पूरी कोशिश है कि बच्चों में जन्मजात बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके और उन्हें विशेषज्ञ डॉक्टरों से सही समय पर इलाज मिल सके।
आगे भी जारी रहेगा यह अभियान
इस मुहिम को और आगे बढ़ाते हुए अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में चतरा और हजारीबाग जिलों में भी विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता अस्पताल कोच्चि के संयुक्त तत्वावधान में लगने वाले इन शिविरों में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पहचान की जाएगी, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय रहते इलाज के लिए भेजा जा सके।


