
गया: नीमचक बथानी प्रखंड के खुखड़ी गांव से निकलकर युवा सामाजिक कार्यकर्ता शैलेन्द्र कुमार ने अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई है। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित ‘International Festival of Youth (IFY) 2026’ के रीजनल प्रोग्राम में वह भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय युवा कार्यक्रम में करीब 20 देशों के लगभग 30 प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। शैलेन्द्र कुमार भारत से इसमें भाग लेने वाले एकमात्र प्रतिनिधि बताए जा रहे हैं। वह 22 सितंबर तक युवा संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करने की उनकी उपलब्धि पर गया और बिहार में भी चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री समेत कई नेताओं ने दी बधाई
शैलेन्द्र कुमार की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन और मंत्री श्रेयसी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बधाई दी है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शैलेन्द्र कुमार को गया का होनहार युवा बताते हुए शुभकामनाएं दीं। वहीं, जीतन राम मांझी ने गया की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शैलेन्द्र कुमार की प्रतिभा, मेहनत और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता की सराहना की। मंत्री श्रेयसी सिंह ने भी उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनकी उपलब्धि को बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से लेकर IFY तक
शैलेन्द्र कुमार को पहले NSS राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। पिछले कई वर्षों से वह शिक्षा, सामाजिक विकास और युवा नेतृत्व से जुड़े कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र से शुरू हुआ उनका सामाजिक कार्य अब अंतरराष्ट्रीय युवा मंच तक पहुंचा है। IFY 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए अब तक के सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
यह उपलब्धि सिर्फ मेरी नहीं
रूस पहुंचने के बाद अपनी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए शैलेन्द्र कुमार ने जनप्रतिनिधियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि गया की मिट्टी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि गया और बिहार के उन युवाओं की भी है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने की कोशिश करते हैं।
शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि यह अनुभव उन्हें आगे भी युवाओं और समाज के लिए बेहतर काम करने की प्रेरणा देगा। खुखड़ी गांव से सेंट पीटर्सबर्ग तक का उनका सफर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक उदाहरण के तौर पर सामने आया है।


