
Giridih: गिरिडीह कॉलेज में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले को लेकर जारी छात्रों का आंदोलन अब गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के तत्वावधान में पिछले छह दिनों से जारी भूख हड़ताल के कारण अनशन पर बैठे दो कार्यकर्ताओं की सेहत लगातार गिरती जा रही है। छात्र संगठन का आरोप है कि मामले की संवेदनशीलता के बावजूद विनोबा भावे विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और केवल हीला-हवाली की जा रही है।

छह दिनों से जारी अनशन से बिगड़ी दो छात्र नेताओं की तबीयत
करोड़ों के गबन की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर गिरिडीह कॉलेज परिसर में अनशन पर बैठे ABVP कार्यकर्ता अनीश राय और नीरज चौधरी की स्थिति छठे दिन चिंताजनक होने लगी है। लगातार भूखे रहने के कारण दोनों छात्रों का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। इसके बावजूद छात्र संगठन अपनी मांगों पर पूरी तरह अडिग है। यूनिवर्सिटी की ढुलमुल कार्यशैली को लेकर आंदोलनकारी छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

अनशन स्थल पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, अस्पताल जाने से छात्रों का इनकार
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही सदर SDM धीरेंद्र प्रसाद और सदर सीओ जितेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ गिरिडीह कॉलेज पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने हंगर स्ट्राइक पर बैठे अनीश राय, नीरज चौधरी तथा संगठन के नेता रोशन कुमार और उज्ज्वल द्विवेदी समेत अन्य कार्यकर्ताओं से बातचीत की और अनशन खत्म करने की अपील की। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की यह पहल नाकाम रही। छात्रों ने साफ कर दिया कि जब तक गबन मामले की जांच शुरू नहीं होती, वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम से आग्रह किया कि यदि इलाज की जरूरत है, तो डॉक्टरों की टीम अनशन स्थल पर ही चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराए, क्योंकि कोई भी छात्र सदर अस्पताल जाने को तैयार नहीं है।
कॉलेज प्रशासन और यूनिवर्सिटी पर राज्य सरकार के दबाव का आरोप
वार्ता के दौरान ABVP नेता रोशन कुमार ने विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे यूनिवर्सिटी पूरी तरह से राज्य सरकार के दबाव में काम कर रही है। इसी राजनीतिक दबाव के कारण गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालेंदु शेखर त्रिपाठी को बचाने का प्रयास किया जा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच से बचा जा रहा है।
यूनिवर्सिटी से जांच टीम आने का आश्वासन और आंदोलन पर अड़े छात्र
पूरे मामले पर प्रशासनिक पक्ष रखते हुए सदर SDM धीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि अनशन पर बैठे छात्र किसी भी सूरत में अस्पताल जाने या आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से बातचीत हुई है और वहां से बहुत जल्द एक उच्चस्तरीय जांच टीम गिरिडीह कॉलेज पहुंचने वाली है। इसके बावजूद छात्र नेताओं ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जब तक जांच टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू नहीं करती, तब तक अनशन जारी रहेगा।


