
Giridih: सोमवार को गिरिडीह में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए।मरांडी ने आरोप लगाया कि परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच में CID की कार्रवाई छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित है, जबकि बड़े स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। हालिया बयानों में भी उन्होंने जांच को व्यापक बनाने और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

‘शुरू से CBI जांच की मांग कर रहे हैं’
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वह JSSC और JPSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग पहले से करते रहे हैं। उनके अनुसार, केंद्रीय एजेंसी से जांच होने पर मामले से जुड़े सभी स्तरों की भूमिका सामने आ सकती है।

उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह CBI जांच कराने से बच रही है। मरांडी का दावा है कि निष्पक्ष जांच होने पर वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अदालत में सरकार के रुख पर भी सवाल
मरांडी ने मामले की न्यायिक कार्यवाही में सरकार की ओर से रखे गए पक्ष पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पिछली सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने अदालत में JSSC परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी और इसी वजह से कुछ परीक्षाओं को रद्द किया गया।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, झारखंड सरकार ने 2014 से JPSC, JSSC और एक आउटसोर्स एजेंसी द्वारा आयोजित 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किया था, जबकि 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए गए थे। मामला फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया में है।
गिरिडीह उपचुनाव पर बोले- फैसला पार्टी करेगी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के उस बयान पर भी सवाल किया गया, जिसमें उपचुनाव के प्रभारी से जुड़ी चर्चा थी।
इस पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रभारी बनाए जाने का फैसला पार्टी स्तर पर होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी जो निर्णय लेगी, वही सभी के लिए मान्य होगा।
JSSC-JPSC परीक्षा मामलों को लेकर भाजपा की ओर से CBI जांच की मांग लगातार उठाई जा रही है, जबकि राज्य की CID जांच आगे बढ़ रही है। झारखंड हाईकोर्ट ने हाल ही में CID की जांच की निगरानी के लिए एक पूर्व न्यायाधीश को नियुक्त किया है।


