
जमुई: जिले में नाबालिग लड़की से कथित छेड़खानी और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। वहीं, साइबर क्राइम टीम वीडियो के प्रसार और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने की भी जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है।

स्कूटी रोककर लड़की और उसके दोस्त से बदसलूकी का आरोप
बताया जा रहा है कि कक्षा 10 में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से घर लौट रही थी। इसी दौरान टाउन थाना क्षेत्र से सटे लखीसराय-जमुई बॉर्डर इलाके में कुछ युवकों ने कथित तौर पर दोनों को रोक लिया।
आरोप है कि युवकों ने लड़की के साथ बदसलूकी और छेड़खानी की। जब उसके साथ मौजूद युवक ने इसका विरोध किया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की पूरी परिस्थितियों की पुलिस जांच कर रही है।
POCSO समेत कई धाराओं की जांच
पीड़िता के नाबालिग होने के कारण पुलिस मामले में POCSO Act के तहत धाराओं की जांच कर सकती है। POCSO में बच्चे के साथ यौन उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न के विभिन्न स्वरूपों के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं। उदाहरण के लिए, POCSO की धारा 11 में यौन मंशा से बच्चे को परेशान करने या उसका पीछा करने जैसे कृत्यों को यौन उत्पीड़न के दायरे में रखा गया है और धारा 12 में इसके लिए तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वास्तविक धाराएं जांच में सामने आए तथ्यों पर निर्भर करेंगी।
इसके अलावा घटना की प्रकृति के आधार पर BNS की संबंधित धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। महिला पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग कर उसकी गरिमा भंग करने के इरादे से किए गए कृत्य के लिए BNS की धारा 74 प्रासंगिक हो सकती है। वहीं महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित प्रावधान BNS की धारा 76 में है।
वीडियो बनाने और वायरल करने पर भी जांच
पुलिस साइबर टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने बनाया और इसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया। नाबालिग से संबंधित यौन या अश्लील सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रकाशित या प्रसारित करने के मामलों में IT Act की धारा 67B समेत संबंधित प्रावधान लागू हो सकते हैं।
इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी सावधानी जरूरी है। नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो को डाउनलोड करना, दोबारा पोस्ट करना या आगे शेयर करना जांच का विषय बन सकता है।
फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


