
पटना: बिहार की राजनीति में सोमवार को विधान परिषद से जुड़ा बड़ा बदलाव सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीजेपी के वरिष्ठ एमएलसी और बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके इस्तीफे के बाद अब परिषद के अगले सभापति को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

आपको बताते चलें कि अवधेश नारायण सिंह 2024 में निर्विरोध विधान परिषद के सभापति चुने गए थे। वह गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के एमएलसी हैं।अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सभापति का पद किसे मिलेगा? इसी संभावित समीकरण में JDU के मौजूदा उपसभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।

रामवचन राय को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
रामवचन राय फिलहाल बिहार विधान परिषद के उपसभापति हैं और जुलाई 2024 से इस पद पर हैं। विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उन्हें वर्तमान उपसभापति के रूप में दर्ज किया गया है।
अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद रामवचन राय को पहले कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। इसके बाद नए सभापति के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। BJP-JDU के बीच पदों का समीकरण क्यों चर्चा में? विधान परिषद के सभापति पद को लेकर JDU का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि NDA के भीतर दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के बीच सदन के महत्वपूर्ण पदों के बंटवारे का समीकरण पहले से चर्चा का विषय रहा है।
हाल की रिपोर्टों में भी यह संभावना जताई गई थी कि विधानसभा अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास होने के बाद विधान परिषद सभापति की कुर्सी JDU को दी जा सकती है। इसी पृष्ठभूमि में अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद यह चर्चा और तेज हुई है।
आधिकारिक तस्वीर के लिए अभी करना होगा इंतजार
इस्तीफे के बाद अब अगली औपचारिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। बिहार विधान परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल अवधेश नारायण सिंह को सभापति और रामवचन राय को उपसभापति के तौर पर दिखाया जा रहा है।
ऐसे में यह साफ है कि रामवचन राय का नाम फिलहाल संभावित दावेदार के रूप में चर्चा में है, लेकिन अंतिम फैसला और नए सभापति के निर्वाचन की प्रक्रिया अभी बाकी है।
अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के साथ ही अब बिहार विधान परिषद की राजनीति में अगली तस्वीर पर निगाहें टिक गई हैं कि क्या JDU को सभापति की कुर्सी मिलेगी और क्या रामवचन राय इस पद तक पहुंचेंगे, इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।


