
सहरसा: सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी पूरी नहीं देने और आयोग की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित रहने के मामले में सहरसा के नगर आयुक्त सह लोक सूचना पदाधिकारी पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त प्रकाश कुमार ने यह कार्रवाई RTI अधिनियम की धारा 20(1) के तहत की है।

आयोग के आदेश के मुताबिक, आवेदक चंदन सिंह ने नगर निगम से संबंधित जानकारी RTI के माध्यम से मांगी थी। आरोप है कि उन्हें पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग पहुंचा। आयोग की ओर से सुनवाई के लिए बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद नगर आयुक्त के उपस्थित नहीं होने की बात भी आदेश में कही गई है।

आयोग ने माना आदेश की अवहेलना
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने नगर आयुक्त की अनुपस्थिति और मांगी गई सूचना से जुड़े मामले को गंभीरता से लिया। आयोग ने RTI अधिनियम की धारा 20(1) के तहत 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बताया गया है कि इस मामले में जुर्माने की राशि की वसूली के लिए आदेश की प्रति सहरसा के जिलाधिकारी, कोषागार पदाधिकारी और महालेखाकार, बिहार को भी भेजी गई है।
पहले भी लग चुका है 25 हजार का जुर्माना
सहरसा नगर आयुक्त पर इससे पहले भी एक अन्य RTI मामले में 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जा चुका है। नए आदेश के बाद दोनों मामलों में जुर्माने की कुल राशि 50 हजार रुपये हो गई है।
राज्य सूचना आयोग ने नगर आयुक्त को एक और मौका देते हुए स्पष्टीकरण भी मांगा है। आयोग ने पूछा है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश क्यों नहीं की जाए। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है और नगर आयुक्त को उस दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
नगर आयुक्त ने खबर को बताया गलत
वहीं, इस मामले में नगर आयुक्त ने आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि “यह झूठी खबर है, ऐसी कोई बात नहीं है।” नगर आयुक्त ने जुर्माने और मामले से जुड़ी खबर को गलत बताया है।
ऐसे में मामले में राज्य सूचना आयोग के आदेश और नगर आयुक्त के पक्ष, दोनों को ध्यान में रखना होगा। अगली सुनवाई में आयोग के समक्ष नगर आयुक्त का स्पष्टीकरण भी महत्वपूर्ण रहेगा।
(इंद्रदेव की रिपोर्ट)


