
Birsa Munda Airport: रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और कम चलने-फिरने वाले यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए ‘सुगम यात्रा’ अभियान चलाया गया। इस दौरान एयरपोर्ट पर यात्रियों को जरूरत पड़ने पर कितनी जल्दी मदद मिलती है, इसकी जांच की गई।

व्हीलचेयर की व्यवस्था भी परखी गई
अभियान के दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद व्हीलचेयर की संख्या और उनकी स्थिति देखी गई। साथ ही यह भी जांचा गया कि किसी यात्री के मदद मांगने पर एयरपोर्ट कर्मचारी कितनी जल्दी उसकी सहायता के लिए पहुंचते हैं।

खास तौर पर PRM यानी Persons with Reduced Mobility यात्रियों की आवाजाही पर ध्यान दिया गया, ताकि उन्हें टर्मिनल के अंदर एक जगह से दूसरी जगह जाने में परेशानी न हो।
यात्रियों से सीधे लिया गया फीडबैक
एयरपोर्ट की टीम ने यात्रियों से बातचीत कर उनकी परेशानियां और सुझाव भी जाने। यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर सुविधाओं में जरूरी बदलाव करने की तैयारी की जा रही है।
एयरपोर्ट पहुंचने से टर्मिनल तक मदद
अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन यात्रियों को अतिरिक्त मदद की जरूरत है, उन्हें एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टर्मिनल के अंदर तक सहज तरीके से सहायता मिल सके। एयरपोर्ट प्रशासन यात्री अनुभव को बेहतर बनाने और सुविधाओं को ज्यादा आसान और यात्री-केंद्रित बनाने पर जोर दे रहा है।


