
CBI Raid: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के एक कार्यकारी अभियंता (Executive Engineer) को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों दबोच लिया है। आरोपी अधिकारी का नाम वेदपाल मीणा है, जो सीमापुरी स्थित सामुदायिक भवन में तैनात था। सीबीआई ने उसे नंद नगरी के वजीराबाद इलाके में रामलीला के आयोजन के लिए मैदान आवंटित करने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

ढाई लाख रुपये की मांग और दो किस्तों में तय हुआ सौदा
सीबीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर को एक शिकायत मिलने के बाद कार्यकारी अभियंता वेदपाल मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि अधिकारी ने शिकायतकर्ता से रामलीला के लिए मैदान देने के बदले कुल 2.50 लाख रुपये की घूस मांगी थी। काफी मोलभाव के बाद आरोपी दो किस्तों में यह रकम लेने के लिए तैयार हुआ था।

सीबीआई ने बिछाया जाल और रंगेहाथ दबोचा
शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने पूरी तैयारी के साथ 19 सितंबर को एक जाल बिछाया। जैसे ही कार्यकारी अभियंता ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की मांग की और उसे अपने हाथ में स्वीकार किया, सीबीआई की टीम ने तुरंत उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से आरोपी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
घर की तलाशी में मिले 41 लाख रुपये नकद
रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद सीबीआई की टीमों ने आरोपी वेदपाल मीणा के ठिकानों और सरकारी आवास की भी ताबड़तोड़ तलाशी ली। इस दौरान जांच एजेंसी के हाथ एक और बड़ा सुराग लगा। घर की तलाशी के दौरान सीबीआई ने गुप्त जगह छिपाकर रखे गए 41 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। फिलहाल सीबीआई इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है।


