
रोहतास: भूमिहीन और बेघर परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान बसेरा को लेकर रोहतास जिला प्रशासन ने लोगों को बड़ी राहत दी है। जिला अधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने साफ किया है कि योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी लाभुक को पटना स्थित राज्य मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए संबंधित अंचल कार्यालय में ही आवेदन करना होगा।

डीएम ने बुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभियान बसेरा की प्रक्रिया और जिले में योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि आवासीय जमीन के लिए पटना जाना पड़ेगा। ऐसी सूचनाएं पूरी तरह भ्रामक हैं।

अंचल कार्यालय में ही होगा आवेदन और जांच
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान बसेरा के तहत पात्र परिवारों को अपने संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन देना होगा। आवेदन मिलने के बाद अंचल अधिकारी पात्रता और भूमि की उपलब्धता की जांच करेंगे। सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार लाभुक को भूमि का पर्चा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना की प्रक्रिया अंचल स्तर पर ही पूरी की जा रही है। ऐसे में किसी व्यक्ति के कहने पर पटना जाने या किसी बिचौलिए के संपर्क में आने की जरूरत नहीं है।
डीएम ने लोगों से अपील की कि वे किसी दलाल या अफवाह फैलाने वाले व्यक्ति के झांसे में न आएं। योजना से जुड़ी किसी तरह की परेशानी होने पर संबंधित अंचल कार्यालय या जिला राजस्व शाखा से संपर्क किया जा सकता है।
866 योग्य लाभुकों को जमीन देने का लक्ष्य
डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि रोहतास जिले में फिलहाल अभियान बसेरा के तहत 866 योग्य लाभुकों को भूमि उपलब्ध कराने का लक्ष्यनिर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से समय-समय पर इस लक्ष्य में बढ़ोतरी भी की जाती है।
अभियान बसेरा का उद्देश्य भूमिहीन और बेघर परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्र परिवारों को अधिकतम 5 डिसमिल तक आवासीय भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक अभियान बसेरा के तहत 92 हजार से अधिक परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने जिले के पात्र भूमिहीन परिवारों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करने की अपील की।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
डीएम ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति या संस्था लोगों को गुमराह कर उन्हें जमीन दिलाने के नाम पर पटना मुख्यालय ले जाने की कोशिश करता है, तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वास का अधिकार परिवार के सम्मान और सशक्तीकरण से जुड़ा है। योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे, इसके लिए प्रशासन की ओर से प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। योजना से जुड़ी शिकायत या सुझाव के लिए बिहार भूमि पोर्टल पर उपलब्ध जन शिकायत व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीडीसी डॉ. आकांक्षा आनंद, अपर समाहर्ता सह अपर जिला दंडाधिकारी ललित भूषण रंजन और जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी सह विशेष कार्य पदाधिकारी आशीष रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
(विकाश चंदन की रिपोर्ट)


