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रांची यूनिवर्सिटी से PhD करेंगे अफ्रीका के दो छात्र, हार्ड कॉपी जमा करने की तारीख 11 सितंबर तक बढ़ी

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Ranchi University; रांची विश्वविद्यालय में ‘PhD रेगुलेशन 2026’ के तहत सत्र में पीएचडी दाखिले को लेकर छात्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, जिसके तहत कुल 331 उपलब्ध सीटों के लिए 468 आवेदन प्राप्त हुए हैं। खास बात यह है कि रांची विवि से पीएचडी करने के लिए दो विदेशी विद्यार्थियों ने भी आवेदन किया है, जो अफ्रीका महाद्वीप के रहने वाले हैं। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 11 सितंबर कर दिया है।

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अवकाश के कारण 11 सितंबर तक जमा होगी हार्ड कॉपी

अनुसंधान निदेशक डॉ. परवेज हसन ने बताया कि पूर्व में ऑनलाइन आवेदन की हार्ड कॉपी विवि में जमा करने की अंतिम तिथि 10 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, विश्वविद्यालय में अचानक घोषित हुए अवकाश को देखते हुए छात्रहित में इसे एक दिन के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में सदस्य सचिव डॉ. नीरज की ओर से आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। अब अभ्यर्थी 11 सितंबर तक अपने कागजात विवि में जमा कर सकते हैं।

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जंतुविज्ञान में सर्वाधिक तो मुंडारी में केवल 1 सीट

रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी की कुल 331 सीटें निर्धारित हैं। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक 30 सीटें जंतुविज्ञान (Zoology) विषय में हैं, जबकि मुंडारी विषय में महज एक सीट रिक्त है। वहीं बांग्ला विषय में इस बार एक भी सीट खाली नहीं है। पहली बार पीएचडी नामांकन में आरक्षण रोस्टर का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। कुल 331 सीटों के श्रेणीवार बंटवारे में सामान्य वर्ग के लिए 153 सीटें, एसटी (ST) के लिए 85, एससी (SC) के लिए 34, बीसी-1 के लिए 30, ईडब्ल्यूएस (EWS) के लिए 16 और बीसी-2 के लिए 13 सीटें आरक्षित की गई हैं।

बिना परीक्षा और बिना शुल्क के होगा नामांकन

नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत इस बार पीएचडी नामांकन प्रक्रिया में कई ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। पहली बार चार वर्षीय स्नातक (ऑनर्स विद रिसर्च) पूरा करने वाले मेधावी छात्रों को भी पीएचडी में सीधे शामिल होने का मौका दिया गया है, बशर्ते उन्हें स्नातक में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक या समकक्ष सीजीपीए प्राप्त हो। वहीं स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। सबसे राहत की बात यह है कि इस बार पीएचडी के लिए कोई प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) आयोजित नहीं की जा रही है और न ही अभ्यर्थियों से कोई आवेदन शुल्क लिया गया है।

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