
Ranchi: रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती मरीजों को जल्दी इलाज कराने, बेड दिलाने और ब्लड टेस्ट के नाम पर चूना लगाने वाले दलालों पर शिकंजा कसा गया है। सोमवार रात रिम्स में चेकिंग के दौरान तीन ऐसे फर्जी एजेंटों को रंगे हाथ पकड़ा गया, जो सीधे-साधे और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को झांसा देकर ठग रहे थे।

रात 9 बजे चेकिंग के दौरान पकड़ा गया पहला एजेंट
जानकारी के मुताबिक, रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिन्हा और ट्रॉमा सेंटर इंचार्ज डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य के निर्देश पर डॉ. साकेत वर्मा रात नौ बजे अस्पताल परिसर का जायजा ले रहे थे। इसी दौरान सेंट्रल इमरजेंसी के पास एक व्यक्ति प्राइवेट लैब की ब्लड रिपोर्ट लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। संदेह होने पर जब डॉ. साकेत ने उसे रोककर पूछताछ की, तो वह पहले जनप्रतिनिधियों का नाम लेकर बचने की कोशिश करने लगा और फिर खुद को समाजसेवी बताने लगा। जांच करने पर उसके पास से जैतुना खातून नाम की मरीज की प्राइवेट लैब रिपोर्ट बरामद हुई।

रात 10 बजे तक दो और दलाल चढ़े हत्थे
कड़ाई से पूछताछ के बाद रात 10 बजे तक दो और प्राइवेट लैब के एजेंटों को मौके से पकड़ लिया गया। ये सभी दलाल अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके परिजनों को बहला-फुसलाकर बाहर की प्राइवेट लैब से जांच कराने के नाम पर ऐंठते थे।
बरियातू पुलिस को सौंपने की तैयारी
डॉ. साकेत वर्मा ने बताया कि तीनों एजेंटों को पकड़कर फिलहाल होमगार्ड जवानों की हिरासत में सौंप दिया गया है। इन सभी को बरियातू थाना पुलिस के हवाले किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के साथ धोखाधड़ी रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर आरोपियों के खिलाफ थाने में नामजद FIR भी दर्ज कराई जाएगी।


