
Giridih illegal mining: गिरिडीह जिले में पत्थर खदानों का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। खनन विभाग के सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में कुल 32 पत्थर खदानें पंजीकृत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिले में दर्जनों अवैध खदानें बिना रोक-टोक चल रही हैं। हाल के दिनों में 25 से अधिक खदानों पर कार्रवाई हुई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई डीसी और एसपी की सख्ती के कारण ही संभव हो पाई है, जबकि खनन विभाग सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है।

सदर प्रखंड के झलकडीहा में अवैध खनन का मामला आया सामने
हाल ही में जमुआ इलाके में एक अवैध खदान पर टास्क फोर्स की कार्रवाई हुई थी। इसके तुरंत बाद जिला मुख्यालय के सदर प्रखंड अंतर्गत झलकडीहा में एक और अवैध पत्थर खदान का मामला सामने आ गया है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि इस खदान को सत्तारूढ़ दल से जुड़े एक नेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

लीज़ समाप्त, फिर भी रोजाना हो रहे जोरदार धमाके
जानकारी के मुताबिक, झलकडीहा स्थित इस खदान की लीज़ कुछ समय पहले ही खत्म हो चुकी है। इसके बावजूद खदान में हर रोज हैवी ब्लास्टिंग (विस्फोट) कर पत्थर निकाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस अवैध खदान से रोजाना 100 से 150 हाइवा अवैध पत्थर लादकर बाहर भेजे जा रहे हैं।
खनन विभाग के रवैये पर उठ रहे सवाल
इलाके में चर्चा है कि सत्ताधारी नेताओं के बैकअप की वजह से खदान संचालक बेखौफ होकर काम कर रहा है। वहीं खनन विभाग पर आरोप लग रहे हैं कि वह सिर्फ उन्हीं जगहों पर दिखावे की कार्रवाई करता है, जहां उसकी साठगांठ नहीं हो पाती। फिलहाल सदर प्रखंड में चल रहे इस अवैध खेल को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है और लोग पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


