
Ranchi court: रांची की न्यायिक दंडाधिकारी ऋत्विका सिंह की अदालत ने दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े करीब आठ साल पुराने एक मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी पति दुर्गा लोहरा (निवासी बोकारो स्टील सिटी, सेक्टर 6/बी) को दोषी करार देते हुए 3 साल की साधारण कैद और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने मामले में सह-आरोपी बनाए गए सास-ससुर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

2012 में सरना रीति-रिवाज से हुई थी शादी
यह मामला चुटिया थाना कांड संख्या 289/2018 से जुड़ा हुआ है। चुटिया की रहने वाली रामा कुमारी की शादी 25 अप्रैल 2012 को सरना रीति-रिवाज से दुर्गा लोहरा के साथ हुई थी। पीड़िता का आरोप था कि शादी के समय उसके परिवार ने अपनी हैसियत के हिसाब से बाइक, सोने की अंगूठी और घरेलू सामान दिया था, लेकिन इसके बावजूद ससुराल वाले खुश नहीं थे।

2 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ना
शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल के लोग 2 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा और उसके साथ मारपीट की जाती थी। परेशान होकर पीड़िता ने चुटिया थाने में मामला दर्ज कराया था।
कोर्ट ने सास-ससुर को दी राहत
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और पेश किए गए सबूतों को देखा। कोर्ट ने पति दुर्गा लोहरा को दोषी पाते हुए सजा सुनाई, जबकि देवघर निवासी सास कौशल्या देवी और ससुर उपेंद्र राम लोहरा को ठोस सबूत न होने के कारण बरी कर दिया।


