
आरा: बिहार में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना, 2026’ का मंगलवार को शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भोजपुर जिले के 434 आवासीय उपभोक्ताओं के खातों में अनुदान राशि हस्तांतरित किए जाने की जानकारी दी गई। राज्य में रूफटॉप सोलर लगाने वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत अधिकतम 98 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है।

योजना का शुभारंभ पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम, बोर्ड कॉलोनी, शास्त्रीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। भोजपुर में कार्यक्रम समाहरणालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम के दौरान नौ लाभुकों को उपहार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा जिले में अधिक संख्या में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले सोलर वेंडरों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
98 हजार रुपये तक की सहायता
रूफटॉप सोलर लगाने पर केंद्र और बिहार सरकार की सहायता को मिलाकर पात्र उपभोक्ताओं को अधिकतम 98 हजार रुपये तक का लाभ मिल सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर केंद्र की अधिकतम 78 हजार रुपये की सहायता के साथ बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता का प्रावधान है।
इसका उद्देश्य अधिक से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से जोड़ना और बिजली के खर्च को कम करने में मदद करना है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत ग्रिड से जुड़े आवासीय बिजली उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
पंचायत और वार्ड स्तर पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम
योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर समिति गठित किए जाने की बात कही गई है। समिति आवेदन, सोलर संयंत्र की स्थापना, ऋण स्वीकृति, निरीक्षण और योजना की प्रगति की समीक्षा करेगी। पंचायत और वार्ड स्तर पर सोलर शिविर, जागरूकता अभियान और ऋण मेले आयोजित किए जाने का भी प्रावधान है।
बिहार सरकार पहले से ही घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना को गति देने पर जोर दे रही है। जून 2026 में राज्य सरकार ने 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर संयंत्र लगाने के लक्ष्य की घोषणा की थी।
रूफटॉप सोलर के इस्तेमाल से घरेलू स्तर पर पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने और बिजली खर्च में बचत की संभावना है। साथ ही, सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।


