
Hazaribagh: हजारीबाग के बरही इलाके से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। बेटे को खो चुकी एक लाचार मां को मदद का झांसा देकर लाखों रुपये की चपत लगा दी गई। दुधपनिया गांव की रहने वाली मीरा देवी का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने सरकारी मदद दिलाने के नाम पर उनसे और उनके पति से सादे चेक पर दस्तखत करवाए और चुपके से खाते से 3 लाख रुपये निकाल लिए।

बेटे की मौत के बाद पहुंचे थे ‘मददगार’
मीरा देवी ने पुलिस को बताया कि 19 अप्रैल 2021 को उनके बेटे प्रदीप कुमार दास की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसके बाद कल्याण विभाग से मिलने वाली सरकारी सहायता राशि पाने के लिए उन्होंने गांव के राहुल अंबेडकर, लक्ष्मण राव, कन्हैया रविदास, सुनील रविदास और भगवंत राम से संपर्क किया था। इन लोगों ने झांसा दिया कि वे कागजी कार्रवाई करवाकर सरकारी पैसा दिलवा देंगे।

5 ब्लैंक चेक पर करा लिए दस्तखत
आरोप है कि राहुल अंबेडकर और लक्ष्मण राव ने सरकारी प्रक्रिया का बहाना बनाकर मीरा देवी और उनके पति से 5 ब्लैंक चेक (खाली चेक) पर साइन करवा लिए। काफी दिन बीत जाने के बाद जब मीरा देवी ने बैंक ऑफ इंडिया की करियातपुर शाखा जाकर अपना पासबुक प्रिंट कराया, तो उनके होश उड़ गए। उनके खाते से चेक के जरिए 3 लाख रुपये निकाले जा चुके थे।
विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी
पासबुक में एंट्री देखने पर पता चला कि चेक संख्या 71152 से कन्हैया कुमार ने 1 लाख, चेक संख्या 71153 से भगवत राम ने 1 लाख और चेक संख्या 71157 से सुनील रविदास ने 1 लाख रुपये निकाले थे। जब पीड़ित महिला ने इन लोगों से पैसे निकालने की वजह पूछी, तो आरोप है कि इन लोगों ने उनके और उनके पति के साथ जमकर गाली-गलौज की, मारपीट की और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
मामला दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
पीड़िता ने बरही थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। वहीं दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी राहुल अंबेडकर ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और गलत बताया है।


