
Malaysian Creator: अक्सर विदेशी सैलानी जब पहली बार भारत आते हैं, तो उन्हें यहां का भारी ट्रैफिक और भीड़भाड़ ही नजर आती है। लेकिन मलेशिया की एक कंटेंट क्रिएटर ने जब दस दिन उत्तर से लेकर दक्षिण भारत की गलियों और वादियों में बिताए, तो उनका दिल हमेशा के लिए यहीं छूट गया। मलेशिया की मशहूर डिजिटल कंटेंट क्रिएटर मिशेल यिओह अपने वतन तो लौट गईं, लेकिन भारत के रंग उनके जेहन में ऐसे रचे-बसे कि उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पूरी ट्रिप का निचोड़ रख दिया। उन्होंने उन पांच खास बातों का जिक्र किया है, जो आमतौर पर यहां रहने वालों को सामान्य लगती हैं, लेकिन सात समंदर पार से आने वालों के लिए किसी जादू से कम नहीं हैं।

त्योहारों के बिना भी सजे धजे लोग और सड़कों पर इत्मीनान से घूमती गायें
मिशेल ने अपने सफर के दौरान ली गई कई शानदार तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें पद्मनाभस्वामी मंदिर, ताजमहल और हुमायूं का मकबरा शामिल हैं। तस्वीरों के साथ उन्होंने लिखा कि दुनिया के ज्यादातर मुल्कों में लोग अपने पारंपरिक कपड़े किसी खास त्योहार या शादी के लिए संभालकर रखते हैं, लेकिन भारत में लोग रोजमर्रा की जिंदगी में भी अपनी संस्कृति को बड़े गर्व से पहनते हैं। इसके अलावा सड़कों के बीचों बीच आराम से घूमती गायों को देखकर भी वे दंग रह गईं। उन्होंने बताया कि लोग गाय को पवित्र मानते हैं, इसलिए भारी ट्रैफिक के बीच भी कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाता। साथ ही सड़कों पर दौड़ते ट्रकों पर हाथ से की गई रंग बिरंगी कलाकारी देखकर उन्होंने इसे क्रिएटिविटी की बेहतरीन मिसाल बताया।
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केले के पत्ते पर खाना और सदियों पुरानी बेजोड़ नक्काशी
भारत की ऐतिहासिक इमारतों की तारीफ करते हुए मिशेल ने लिखा कि यहां के पुराने राजाओं ने सिर्फ इमारतें नहीं बनाईं, बल्कि पत्थरों पर कला उकेरी है। हर बारीक नक्काशी के पीछे बेहिसाब मेहनत और एक अनोखी कहानी नजर आती है। उत्तर भारत की ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर दक्षिण के मंदिरों तक का सफर उनके लिए आंखें खोल देने वाला रहा। केरल की हरियाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने वहां केले के पत्ते पर गरमागरम खाना खाया, तो उन्हें लगा ही नहीं कि वे किसी अनजान देश में हैं, बल्कि बिल्कुल अपने घर जैसा सुकून महसूस हुआ।
अक्षरधाम की वह शाम, जहां बिना कैमरे के कैद हो गया सुकून
अपने इस पूरे दौरे में एक जगह ऐसी भी रही, जिसकी कोई तस्वीर या वीडियो उनके फोन में नहीं है, लेकिन उसकी छाप उनके दिल पर सबसे गहरी पड़ी। दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर का जिक्र करते हुए मिशेल ने बताया कि वहां फोन और कैमरे ले जाने की सख्त मनाही है। बिना किसी गैजेट के नंगे पांव मंदिर परिसर में घूमना और ढलते सूरज के साथ उस शांत माहौल को महसूस करना ऐसा अनुभव था, जिसे लफ्जों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी से दूर उस शाम जो रूहानी सुकून मिला, वह जिंदगी भर उनके साथ रहेगा। सोशल मीडिया पर उनके इस पोस्ट पर लोग खूब प्यार लुटा रहे हैं और कई यूजर्स ने लिखा कि भले ही भारत में कुछ कमियां हों, लेकिन यहां के लोगों की गर्मजोशी और संस्कृति का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है।


