
पटना: बिहार सरकार ने पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक से मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 50 ड्रोन खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए सरकार ने कुल 24.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। मंगलवार की कैबिनेट बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी समेत सरकार के विभिन्न विभागों के मंत्री मौजूद रहे। बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की मौजूदा पदस्थापना की पुष्टि होती है।

भीड़ नियंत्रण से नक्सल विरोधी अभियान तक इस्तेमाल
गृह विभाग के प्रस्ताव के तहत खरीदे जाने वाले इन ड्रोन का इस्तेमाल कई तरह के पुलिस अभियानों में किया जाएगा। इनमें क्राउड कंट्रोल और मैनेजमेंट, नदी क्षेत्र में अपराध विरोधी अभियान, नक्सल विरोधी अभियान और आपदा प्रबंधन जैसे कार्य शामिल हैं।
ड्रोन के इस्तेमाल से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ पुलिस को किसी घटना की स्थिति में ऊपर से वास्तविक स्थिति का आकलन करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
24.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति
50 ड्रोन की खरीद के लिए सरकार ने 24.50 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह खरीद केंद्र प्रायोजित ‘पुलिस आधुनिकीकरण के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता योजना’ (ASUMP) के तहत की जाएगी। सरकार का उद्देश्य पुलिस अभियानों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है, ताकि निगरानी, अपराध नियंत्रण और आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके।
पुलिसिंग में तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल
ड्रोन के जरिए ऐसे इलाकों की भी निगरानी की जा सकती है, जहां सामान्य पुलिस टीम के लिए तुरंत पहुंचना मुश्किल होता है। नदी क्षेत्रों में अभियान, भीड़ वाले इलाकों की निगरानी और आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई आकलन इसके प्रमुख उपयोगों में शामिल होंगे। कैबिनेट के अन्य फैसलों में भी कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार की ओर से जारी कैबिनेट निर्णयों का रिकॉर्ड आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाता है।


