
Jamshedpur News: जमशेदपुर के कलकत्ता पब्लिक स्कूल में आयुर्वेद दिवस के मौके पर एक बहुत ही शानदार और जानकारी से भरा प्रोग्राम हुआ। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने पीपीटी और स्लाइड के जरिए सबको हैरान कर दिया। बच्चों ने बताया कि हमारे पुराने ऋषि-मुनियों, महर्षि धन्वंतरि और चरक ने आयुर्वेद के रूप में हमें कितना बड़ा खजाना दिया है, जिसकी मदद से हम बिना किसी साइड इफेक्ट के स्वस्थ रह सकते हैं।

दवा बनाने से लेकर सर्जरी तक के खुले राज


प्रोग्राम के दौरान बच्चों ने बड़े ही सलीके से समझाया कि आयुर्वेद सिर्फ काढ़ा पीने तक सीमित नहीं है। इसमें दवा बनाने से लेकर सर्जरी (शल्य चिकित्सा), दिमागी इलाज, नवजात बच्चों की देखभाल और महिलाओं की बीमारियों के इलाज के भी जबरदस्त तरीके मौजूद हैं। बच्चों की ये डीप नॉलेज देखकर वहां मौजूद टीचर्स ने भी उनकी खूब तारीफ की।
तुलसी से लेकर लेमनग्रास तक, बच्चों ने दी लाइव जानकारी

स्कूल की छात्रा लकी, शिप्रा और कोमल ने अपनी प्रेजेंटेशन से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने औषधीय पौधों की रानी कही जाने वाली ‘तुलसी’ के साथ-साथ अर्जुन, पीपल, एलोवेरा, पत्थरचट्टा, लेमनग्रास और नीम जैसे पौधों को सबके सामने रखा। उन्होंने इन पौधों को छूकर और दिखाकर बताया कि कैसे ये हमारे घर के आसपास मौजूद पौधे बड़ी-बड़ी बीमारियां दूर करने की ताकत रखते हैं।
एलोपैथ और होम्योपैथ की भी ‘जननी’ है आयुर्वेद

प्रेजेंटेशन के दौरान छात्राओं ने एक बहुत ही पते की बात बताई। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद असल में सभी चिकित्सा पद्धतियों की ‘मां’ है। आज की एलोपैथ या होम्योपैथ दवाओं को बनाने के लिए भी इन्हीं पौधों का अर्क (एक्सट्रैक्ट) इस्तेमाल किया जाता है। बच्चों ने संदेश दिया कि अगर हम आयुर्वेद के साथ योग और प्राणायाम को अपनी लाइफस्टाइल में जोड़ लें, तो हम हमेशा फिट और निरोग रह सकते हैं।
स्कूल कैंपस में ही लगा दी ‘दवाइयों वाली बगिया’

सिर्फ बातें ही नहीं, बच्चों और टीचर्स ने मिलकर काम भी किया। प्रोग्राम के बाद स्कूल परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इसमें तुलसी, एलोवेरा, पत्थरचट्टा, नीम, अमरूद और अर्जुन जैसे कई औषधीय गुणों वाले पौधे लगाए गए ताकि बच्चे रोज इनके बारे में सीख सकें। इस मौके पर स्कूल के सभी टीचर्स और स्टूडेंट्स मौजूद रहे और सबने आयुर्वेद को अपनाने का संकल्प लिया।



