
Opium Smuggling: नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ रांची सिविल कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। NDPS मामलों की विशेष अदालत ने अवैध रूप से अफीम ले जा रहे दो तस्करों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट के विशेष न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार की अदालत ने दोनों अभियुक्तों दिगम महतो और झारीराम महतो पर 75-75 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी ठोका है। जुर्माना राशि अदा न करने पर दोनों को एक-एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

कोर्ट में लंबी बहस के बाद सुनाई गई सजा
अदालत ने दोनों आरोपियों को 18 सितंबर को ही मामले में दोषी करार दे दिया था। इसके बाद बुधवार को सजा की अवधि तय करने को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नशीले पदार्थों के कारोबार को समाज के लिए बेहद घातक बताते हुए दोनों दोषियों को अधिकतम सजा देने की पुरजोर मांग की। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने अपने मुवक्किलों के प्रति नरमी बरतने की गुहार लगाई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास का फैसला सुनाया।

गुप्त सूचना पर ईंट भट्ठे के पास हुई थी छापेमारी
यह पूरा मामला 5 अप्रैल 2024 का है। तमाड़ थाने के ASI सिरिल संगा को गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की तस्करी होने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाया और रोलाडीह व बुरुसिंगु के बीच स्थित एक ईंट भट्ठे के पास अचानक छापेमारी की। मौके पर घेराबंदी कर पुलिस ने दिगम महतो और झारीराम महतो को धर दबोचा।
तलाशी में मिला 1.2 किलो अफीम का स्टॉक
पकड़े जाने के बाद जब दोनों की सघन तलाशी ली गई, तो उनके पास से 1.2 किलोग्राम यानी करीब 1200 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई। जब पुलिस टीम ने उनसे अफीम के परिवहन और खरीद-बिक्री से जुड़े वैध कागजात मांगे, तो वे कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने नशीली खेप को विधिवत जब्त करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिस पर अब अदालत ने अपना अंतिम फैसला सुना दिया है।


