
Jamshedpur Road Accident: सन्नाटे में डूबी सड़क और बीच रास्ते में कई घंटों से बंद पड़ा एक भारी भरकम ट्रेलर किसी भी वक्त मौत का फंदा बन सकता है। जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर गुरुवार तड़के हुई इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक तेज रफ्तार कार सड़क पर पहले से खड़े लावारिस ट्रेलर के पीछे इतनी तेजी से जा टकराई कि अगली ही पल में चार युवाओं की जिंदगी खत्म हो गई। मरने वालों में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं, जो अपने तीन दोस्तों के साथ कार में सवार थीं।

सड़क पर घंटों खड़ा रहा खराब वाहन, अंदर समा गई तेज रफ्तार कार
सोनारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मरीन ड्राइव पर यह हादसा तड़के सुबह के वक्त हुआ। स्थानीय पुलिस के मुताबिक जो ट्रेलर हादसे का कारण बना, वह बुधवार की रात करीब 10 बजे से ही खराब होकर बीच रास्ते में खड़ा था। तड़के सुबह अंधेरे और रफ्तार के बीच आ रही कार को शायद संभलने का जरा भी मौका नहीं मिला और वह सीधे ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का आधा हिस्सा ट्रेलर के नीचे धंस गया और वह पूरी तरह लोहे के ढेर में तब्दील हो गई।

गैस कटर से काटा गया मलबा, मौके पर ही उजड़ गईं चार जिंदगियां
हादसे की जानकारी मिलते ही DSP सीसीआर मनोज ठाकुर और सोनारी थाना प्रभारी संजय सुमन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। कार की हालत इतनी खौफनाक हो चुकी थी कि शवों को सीधे बाहर निकाल पाना मुमकिन नहीं था। पुलिस को फौरन गैस कटर की व्यवस्था करनी पड़ी और मलबे को घंटों मशक्कत के बाद काटकर चारों शवों को बाहर निकाला गया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान तृषा सिंह, सार्थक अग्रवाल, नमन गुप्ता और वंशिका खंडेलवाल के तौर पर हुई है। पुलिस ने सभी के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है और परिजनों को सूचना दी है।
संतान खोने का दर्द शब्दों से परे, मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही सामने आई, राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी कैबिनेट सहयोगी दीपिका पांडेय सिंह की बेटी और अन्य बच्चों के असमय चले जाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संवेदना जताते हुए लिखा कि किसी भी मां बाप के लिए अपनी संतान को खोने का दर्द असहनीय होता है और इस कठिन समय में वे सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। दूसरी तरफ पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि आखिर इतने व्यस्त मार्ग पर रात 10 बजे से खराब पड़ा ट्रेलर सुबह तक क्यों नहीं हटाया गया था।


