
Ranchi: लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के साथ मारपीट करने और कथित तौर पर अपहरण के प्रयास के बहुचर्चित मामले में रांची सिविल कोर्ट से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपियों में से एक आयुष रंजन को अदालत ने नियमित जमानत (बेल) दे दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई रांची सिविल कोर्ट के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने राहत का आदेश जारी किया।

CJM कोर्ट में वकीलों की जोरदार बहस के बाद मिली जमानत
अदालत में आयुष रंजन की जमानत याचिका पर पैरवी करते हुए रांची सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शम्भू अग्रवाल और अधिवक्ता प्राची अग्रवाल ने मजबूत दलीलें पेश कीं। बचाव पक्ष के वकीलों ने घटना के संदर्भ, एफआईआर की धाराओं और परिस्थितियों को अदालत के समक्ष रखते हुए जमानत देने की गुहार लगाई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद परिस्थितियों के आधार पर आयुष रंजन की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

दूसरे आरोपी प्रकाश गुप्ता की बेल पर फंसा पेंच
इसी कांड में जेल की सलाखों के पीछे बंद दूसरे आरोपी प्रकाश कुमार गुप्ता ने भी सिविल कोर्ट में अपनी जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है। प्रकाश गुप्ता की ओर से सिविल कोर्ट के अधिवक्ता प्रीतांशु सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। हालांकि, अदालत ने प्रकाश गुप्ता को तुरंत राहत न देते हुए मामले में पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
पुलिस से मांगा क्रिमिनल रिकॉर्ड, 26 सितंबर को अगली सुनवाई
CJM कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस को सख्त निर्देश दिया है कि वह आरोपी प्रकाश कुमार गुप्ता का पूरा आपराधिक इतिहास (क्रिमिनल रिकॉर्ड) अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी का पुराना रिकॉर्ड देखने के बाद ही उसकी जमानत पर फैसला सुनाया जाएगा। पुलिस से रिपोर्ट मिलने के बाद अब कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 26 सितंबर को करेगा।
विधानसभा थाने में दर्ज है कांड संख्या 69/2026
उल्लेखनीय है कि राजधानी के विधानसभा थाना क्षेत्र में LJP विधायक जनार्दन पासवान के बेटे के साथ हुई मारपीट और जबरन गाड़ी में बैठाकर अगवा करने की कोशिश के इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था। पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत पर विधानसभा थाने में कांड संख्या 69/2026 के तहत सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।


